हालत सामान्य होने तक कोल इंडिया नहीं करेगी कोई भी ई-नीलामी
नई दिल्ली: देश में कोयले की कमी से बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है. इसी सिलसिले में कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने हालात सामान्य होने तक अपनी सहायक…
जय श्री राम के जयकारों से गूंजी घाटी, भगवान रघुनाथ की रथयात्रा से अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का आगाज
कुल्लू: भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के साथ अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव की शुरुआत हो गई है. शुक्रवार को आयोजित रथयात्रा में कुल्लू जिले के विभिन्न इलाकों से आए 200 से अधिक देवी…
PM MODI ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर कही बड़ी बात
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन भारत को सशक्त, समृद्ध और…
वज़न कम करने के साथ ही शुगर भी कंट्रोल करता है
औषधीय गुणों से भरपूर आंवला सेहतमंद रहने की बेहतरीन दवा है। विटामिन सी से भरपूर आंवला पोषक तत्वों का ख़ज़ाना है जिसमें जिंक, आयरन, कैरोटीन, फाइबर, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, कैल्शियम…
Global Handwashing Day नेचुरल चीजों से भी कर सकते हैं हैंड वॉश
खाना खाने से पहले या बाद में हाथ धोना एक सामान्य-सी बात है। मतलब कि इसमें बताने जैसा कुछ भी नहीं है लेकिन कोरोना वायरस महामारी ने हाथ धोने को…
आज से वीटीआर का पर्यटन सत्र शुरू
शहर के शोर शराबे से यदि आप शांति से आकर छुट्टियां बिताना चाहते हैं तो वीटीआर आपके लिए एकदम परफेक्ट है। अब इंतजार की घड़ियां खत्म हो गई हैं। 15 अक्टूबर से पर्यटन सत्र शुरू हो जाएगा। एक घंटे बाद सीएफ हेमकांत राय इसका विधवत उदघाटन करेंगे।प्रकृति की गोद में बसे वाल्मीकिनगर की फिजा पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार का इकलौता और भारत के प्रसिद्ध प्राणी उद्यानों में से एक है। 880 वर्ग किलोमीटर जंगल का 530 वर्ग किलोमीटर इलाका बाघ परियोजना के लिए आरक्षित है। जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघों का दीदार रोमांच पैदा करता है। नेपाल और यूपी की सीमा पर स्थित यह टाइगर रिजर्व प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। सर्दियों के मौसम में यहां से हिमालय पर्वत श्रृंखला का दीदार कश्मीर की हसीन वादियों की याद ताजा करा देती है। बेतियासे 100 किलोमीटरदूरीपरवीटीआर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जिला मुख्यालय बेतिया से लगभग 100 किलोमीटर दूर है, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से इसकी दूरी करीब 120 किलोमीटर है। इसकी आरक्षित सीमा में करीब ढाई सौ गांव और इसके मध्य 26 गांव बसे हैं। ये अलग-अलग प्रजाति के पेड़-पौधे और वन्य जीवों से भरा पड़ा है। दिन के उजाले में गंडक नदी के शांत पानी में पहाड़ का प्रतिबिंब बहुत ही मनोहारी और आकर्षक लगता है। गंडक नदी में विदेशी मेहमान परिंदों की क्रीड़ा देखते ही बनती है। व्याघ्र परियोजना के जंगल में बाघ, तेंदुआ, बंदर, लंगूर, हिरण, सांभर, पहाड़ी तोता समेत सैकड़ों दुर्लभ प्रजाति के जीव यहां देखने को मिल जाएंगे। वाल्मीकिनगर में आपको धूप सेंकते घड़ियाल और घने जंगलों के बीच बाघ एवं हिरणों के झुंड आसानी से देखने को मिल सकते हैं। यहां का मुख्य आकर्षण है गंडक नदी । वीटीआर को स्पर्श कर गुजरती इस नदी का उद्गम नेपाल से हुआ है। यहां रुकने के लिए वन्य विभाग का कॉटेज भी उपलब्ध है। जिसके लिए आपको पहले से ही ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। यहां जीप में जंगल सफारी के साथ गंडक नदी में वोटिंग प्रमुख आकर्षण हैं । जंगल सफारी के लिए गाइड व वाहन उपलब्ध जंगल सफारी- वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना में जंगल भ्रमण के लिए विभाग की ओर से वाहन और गाइड उपलब्ध कराए जाते हैं। जो जंगल सफारी के आनंद को दोगुना कर देता है।नौका विहार- गंडक नदी के जलाशय में नौका विहार का अलग ही मजा है। ट्री हट के माध्यम से कम खर्च पर पर्यटक प्रकृति को करीब से देख और महसूस कर सकते हैं। गंडक का ऐतिहासिक महत्व गंडक नदी के तट पर बालू में सोना पाया जाता है और पत्थर में मिलते हैं भगवान शालीग्राम। शास्त्रों के मुताबिक भारत में दो ही संगम है। पहला प्रयाग व दूसरा वाल्मीकिनगर। वाल्मीकि रामायण में वर्णित सोनभद्र, ताम्रभद्र और नारायणी के पवित्र मिलन को त्रिवेणी संगम कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि माता सीता निर्वासित होने के बाद यहीं वाल्मीकि आश्रम में निवास की थीं। ठहरने का खास इंतजाम गंडक नदी के तट पर जंगलों के बीच बने होटल वाल्मीकि बिहार, जंगल कैंप परिसर में बने बंबू हट, फोर फ्लैट के अलावा वाल्मीकिनगर, गनोली, नौरंगिया, गोवर्धना, मदनपुर, दोन, मंगुराहा आदि जगहों पर वन विभाग के रेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना का दीदार करने के लिए सड़क और रेल मार्ग दोनों से पहुंचा जा सकता है। पर्यटक चाहें तो निजी वाहन से भी आ सकते हैं।
राहुल द्रविड़ फिर बनेंगे टीम इंडिया के कोच
भारत को करीब एक महीने तक बिना हेड कोच के ही रहना होगा क्योंकि मौजूदा कोच रवि शास्त्री पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि टी-20 वर्ल्ड कप के…
स्पेन की सड़कों पर हाथ में बोतल लिए घूमती दिखीं प्रियंका चोपड़ा
नई दिल्ली । बॉलीवुड से हॉलीवुड पहुंच चुकीं एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा इन दिनों स्पेन में अपना वैकेशन इंजॉय कर रही हैं। इस दौरान प्रियंका ने अपनी तस्वीरों से सोशल मीडिया गुलजार कर रखा है। हाल ही पीसी ने अपनी एक हटके फोटो शेयर की है, जो इंटरनेट पर जबरदस्त चर्चा में आ गई है। इस फोटो में प्रियंका स्पेन की सड़कों पर रात में बोलत लिए घूमती नजर आईं। एक्ट्रेस को इस तरह सुनसान सड़क पर घूमते देश फैंस काफी हैरान हो रहे हैं। प्रियंका चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम पर स्पेन की फोटोज शेयर की हैं। जिसमें वो ब्लू आउटफिट में नजर आ रहीं हैं। नो नेकअप लुक के साथ पीसी ने शर्ट्स पहने हुए हैं। फोटो में प्रियंका हाथ में बोतल लिए हुए दीवार से टिकी हुई पोज दे रही हैं। उनके पीछे दीवार पर बनी ग्रफीटी दिख रही है। हालांकि पीछे सड़क पर एकदम सन्नाटा है, कोई दिखाई नहीं दे रहा।
कमलनाथ उपचुनाव वाले क्षेत्रों में 17 से तूफानी दौरे पर
भोपाल । मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ तूफानी दौरे की तैयारी कर रहे हैं। कमलनाथ 17 अक्टूबर को छतरपुर जिले के खजुराहो पहुंचेंगे।…
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष शर्मा चुनाव प्रचार पर
भोपाल । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा 15 अक्टूबर से चुनाव प्रचार पर रहेंगे। इस दौरान शर्मा कार्यकर्ताओं के साथ विजयादशमी पर्व पर 15 अक्टूबर को…

















