इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की स्मार्ट सड़कों की हकीकत बारिश से पहले ही सामने आ गई है। इंदौर के विजय नगर क्षेत्र स्कीम 54 में गुरुवार दोपहर सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। जिससे गहरा गड्ढा बन गया। इस दौरान लोगों की तत्परता से दुर्घटना टल गई। उन्होंने तुरंत मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के बैरिकेड्स लगाकर स्थल को सुरक्षित किया, ताकि कोई हादसा न हो।, और वहां करीब 15 फीट गहरा और 15 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई वाहन इस गड्ढे में नहीं गिरा, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम के एमआईसी सदस्य राजेन्द्र राठौर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पास से गुजर रही नर्मदा की पाइपलाइन फट गई थी, जिससे सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई और जमीन धंस गई। इसी वजह से इतना बड़ा गड्ढा बन गया।लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि ऐसे कैसे अचानक कोई सड़क बैठ सकती है?
निगम इस सड़क की जिम्मेदारी IDA पर डाल रहा
नगर निगम इस सड़क की जिम्मेदारी IDA पर डाल रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस इलाके में पहले भी छोटे-छोटे गड्ढे बन चुके हैं। इसकी शिकायत नगर निगम को कई बार दी गई, लेकिन हर बार अस्थायी मरम्मत कर छोड़ दिया गया। घटना के चश्मदीदों ने बताया कि सुबह एक कार इस सड़क से गुजरी थी, तभी सड़क बैठ गई। कार चालक बाल-बाल बच गया। हादसे के बाद निगम ने तुरंत अपनी टीम भेजकर गड्ढे को भरने का काम शुरू कर दिया।
फिलहाल यह जांच का विषय है कि गड्ढे का असली जिम्मेदार कौन है? IDA, नगर निगम या कोई अन्य एजेंसी, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि करोड़ों की लागत से बनी स्मार्ट सड़कों की हालत बारिश के पहले ही क्यों बिगड़ रही है?










