भुवनेश्वर. पुरी के गुंडिचा मंदिर के पास हुई दुखद भगदड़ की घटना के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई श्रद्धालु घायल हुए. मुख्यमंत्री ने घटना में चूक को स्वीकार करते हुए जवाबदेही निभाने की बात कही.मुख्यमंत्री माझी ने जगन्नाथ भक्तों से क्षमा मांगते हुए कहा, “मेरी सरकार और मैं, सभी जगन्नाथ भक्तों से क्षमा याचना करते हैं. हम उन श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं, जिनकी जान इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में चली गई. महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना है कि वे परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति दें.”
मुख्यमंत्री ने इस त्रासदी को “अक्षम्य लापरवाही” का परिणाम बताया और कहा कि घटना की सुरक्षा चूक की तत्काल जांच करवाई जाएगी.
“मैंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए…” -मुख्यमंत्री माझी.
कैसे हुआ हादसा? (पुरी रथ यात्रा भगदड़)
यह हादसा रविवार दोपहर करीब 4 बजे गुंडिचा मंदिर के पास शरदाबली मैदान में हुआ, जब वार्षिक रथ यात्रा समारोह के दौरान हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ की एक झलक पाने के लिए जमा हुए थे.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगदड़ तब मची जब लकड़ी के लट्ठों से भरा एक ट्रक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में घुस गया. उस समय वहां 500 से ज्यादा श्रद्धालु प्लास्टिक की चटाइयों पर बैठकर दर्शन का इंतजार कर रहे थे. जब ट्रक से मजदूरों ने भीड़ के बीच लकड़ियां उतारनी शुरू कीं, तो लोगों में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ के दौरान कई श्रद्धालु कुचल गए.
प्रशासन पर उठे सवाल (पुरी रथ यात्रा भगदड़)
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि घटना के समय भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था. अब जिला प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं.










