नए साल 2023 में अमावस्या कब-कब आ रही है?
धार्मिक शास्त्रों में अमावस्या तिथि का बहुत महत्व है। इस दिन गरीबों को दान, पितृ तर्पण, तीर्थ दर्शन, पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, नदी स्नान, तथा नदी…
जानें क्यों होती है माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा? पढ़िये पूरी कथा
विघ्न विनाशक गणेश आदिदेव शंकर और माता पार्वती के पुत्र हैं. लेकिन गणेश जी की पूजा माता लक्ष्मी के साथ होती है. यह सवाल कई बार दिमाग में आता होगा,…
भगवान की ऐसी प्रतिमाएं देती हैं अशुभ फल
हिंदू धर्म के ज्यादातर घरों में भगवान का मंदिर या फिर मूर्तियां होती हैं, जिनके हर रोज दर्शन और पूजा करते हैं। हम पूजा इस आस्था से करते हैं कि…
आज है वृश्चिक संक्रांति, सूर्य करेंगे राशि परिवर्तन, जानें क्यों है ये दिन खास
Vrischika Sankranti 2022: आज यानी 16 नवंबर 2022 को सूर्य तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, इसे वृश्चिक संक्रांति कहा जाता है. वृश्चिक संक्रांति हिंदू समुदाय में एक बेहद…
संकष्टी चतुर्थी, जरूर पढ़े यह कथा
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो चतुर्थी तिथि पड़ती है। जी हाँ और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी विनायक चतुर्थी कहलाती है।…
त्रिपुरारी पूर्णिमा क्यों कहते हैं कार्तिकी पूनम को?
कार्तिक मास की पूर्णिमा को कार्तिकी पूनम भी कहते हैं। इस दिन देव दिवाली रहती है। इसे त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहते हैं। 8 नवंबर 2022 को कार्तिक पूर्णिमा यानी देव…
कार्तिक पूर्णिमा, गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त, नियम और इस दिन का महत्व जानें
कार्तिक पूर्णिमा 8 नवंबर, 2022, मंगलवार को है. हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि पर पवित्र नदी में स्नान का विशेष महत्व माना गया है. मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर…
चंद्र ग्रहण आज, ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानी
साल के अंतिम सूर्य ग्रहण के बाद आज मंगलवार 08 नवंबर को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। जहां साल का अंतिम सूर्यग्रहण 25 अक्तूबर को लगा था।…
इस दिन लगने जा रहा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, इन बातों का रखें ध्यान
इस वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण 8 नवंबर को लगने जा रहा है। इससे पहले 25 अक्टूबर को वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण लगा था। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, सूर्य-चंद्र…
आज का राशिफल,आज का पंचांग
।। 🕉 ।। 🚩🌞 सुप्रभातम् 🌞🚩 📜««« आज का पंचांग »»»📜 कलियुगाब्द…………………….5124 विक्रम संवत्……………………2079 शक संवत्……………………..1944 मास…………………………..कार्तिक पक्ष……………………………..शुक्ल तिथी…………………………एकादशी संध्या 06.11 पर्यंत पश्चात द्वादशी रवि…………………………दक्षिणायन…
















