
संभल: 24 नवंबर को संभल जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में नामजद आरोपी सांसद जियाउर्रहमान बर्क की अब मुश्किल बढ़ गई हैं। जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली के बयान में पुष्टि हुई है कि सांसद ने ही उन्हें कहा था कि भीड़ को एकत्र कराना है और कोर्ट कमीशन को सर्वे करने नहीं देना है। इसके चलते ही भीड़ एकत्र हुई और बवाल हो गया था। जिसमें पांच लोगों की जान गई और 29 पुलिस कर्मी घायल हो गए थे।

‘सर्वे होगा तो संभल में हमारी कौम हमीं पर थूकेगी’
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि जफर अली की पुलिस ने केस डायरी न्यायालय में दाखिल की है। इस केस डायरी के अनुसार बवाल की साजिश 23 नवंबर की मध्यरात्रि ही तैयार हो गई थी। पुलिस की पूछताछ में जफर अली ने स्वीकार किया है कि रात को सांसद से फोन पर बात हुई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं बंगलूरू में हूं। ऐसा करो कि सुबह किसी हाल में सर्वे नहीं होना चाहिए। अगर मस्जिद का सर्वे होगा तो संभल में हमारी कौम हमीं पर थूकेगी। तुम जामा मस्जिद के सदर हो आपके कहने से लोग इकट्ठा हो जाएंगे। अधिवक्ता ने बताया कि इसका पूरा जिक्र केस डायरी में दर्ज है। सदर द्वारा इंतजामिया कमेटी की बैठक कमेटी के कैशियर सुहेल खान के घर पर की गई थी। कई लोगों से बातचीत की और इसकी जिम्मेदारी भी दी गई थी। 24 नवंबर को जब सर्वे के लिए कोर्ट कमीशन की टीम पहुंची तो काफी भीड़ एकत्र थी।
जामा मस्जिद कमेटी के सदर ने पुलिस के सात सवालों में एक सवाल का नहीं दिया जवाब
जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली को 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। विवेचक द्वारा गिरफ्तारी से पहले पूछताछ की थी। जिसमें सात सवाल केस डायरी में भी दर्ज हैं। एक सवाल के जवाब में सदर ने पुलिस से कहा था कि उन पर दबाव था। पुलिस ने जब सवाल किया कि किसका दबाव था तो सदर ने जवाब नहीं दिया। चुप रहने का उल्लेख पुलिस ने केस डायरी में किया है। अन्य छह सवालों के जवाब सदर द्वारा दिए गए हैं।

सांसद पर है भड़काऊ बयान देने का आरोप
कोतवाल में दर्ज रिपोर्ट में सांसद पर भड़काऊ बयान देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल पर भीड़ को भड़काने का आरोप है। अब जामा मस्जिद कमेटी के सदर द्वारा जो जानकारी पुलिस को दी गई है, उसके आधार पर सांसद की मुश्किल बढ़ गई है। हालांकि पुलिस द्वारा बीएनएसएस की धारा 35 के तहत सांसद को नोटिस जारी कर दिया गया है। 8 अप्रैल को सांसद अपने बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस के सामने भी पहुंचेंगे।
शनिवार को न्यायिक जांच आयोग ने बयान दर्ज कराने के लिए सांसद को बुलाया
बवाल के मामले में त्रि-सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की जांच चल रही है। इस जांच में शनिवार को सांसद जियाउर्रहमान बर्क व विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। इसके लिए डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया को पत्र न्यायिक जांच आयोग द्वारा भेजा गया है। लखनऊ स्थित कार्यालय में सांसद व विधायक के बेटे को बयान दर्ज कराने के लिए जाना है।