
वक्फ संशोधन बिल 2025 लोकसभा में पास होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में भी पास हो गया. अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजा गया है, जहां मुहर लगते ही यह बिल एक्ट बन जाएगा. हालांकि, इस बिल के पास होते ही मुसलमानों के बीच आक्रोश नजर आने लगा है.
इसी कड़ी में शुक्रवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज ने बिल का विरोध किया. इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने ब्लैक रिबन और वक्फ संशोधन विधेयक रिजेक्ट के पोस्टर लेकर विरोध किया. वक्फ संशोधन बिल को लेकर ये विरोध शहर की AG आफिस मस्जिद और घोसीपुरा मस्जिद के बाहर हुआ.
वक्फ की संपत्तियों को खत्म करने वाला कानून
इस दौरान मुस्लिम समाज की ओर से मुफ्ती मोहम्मद इसहाक कासमी ने कहा कि वक्फ संशोधित बिल एक काला कानून है. ये विधेयक मुसलमानों के पक्ष में बिल्कुल नहीं है. यह मुसलमानों को परेशान करने वाला और वक्फ की संपत्तियों को खत्म करने वाला कानून है. हम इसका विरोध करते रहेंगे.
इस मौके पर मुसलमानों ने वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिमों की एंट्री का विरोध करते हुए कहा कि हम इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्ति केवल अल्लाह की है, क्या काशी विश्वनाथ, जगन्नाथ मंदिर, राम मंदिर बोर्ड में मुस्लिम की एंट्री हो सकती है. इसका जवाब है न, हम भी कहते हैं कि होना भी नहीं चाहिए, तो गैर मुस्लिमों की एंट्री क्यों की जा रही है, ये गलत है.