
इंदौर: भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उनकी जन्म स्थली से नेताओं ने हर साल कई घोषणाएं की हैं, जिनमें से कई सिर्फ बयान बन कर रह गईं। डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर मेमोरियल सोसायटी वर्षों से स्मारक स्थल से लगी साढ़े तीन एकड़ जमीन की मांग कर रही है। कैंट एरिया होने से जमीन पर सेना की एनओसी जरूरी थी। कई प्रयासों के बाद सेना से एनओसी भी मिल गई, लेकिन आज तक जमीन ही नहीं मिल पाई है।
पिछले साल जन्मभूमि स्थल और भोपाल में हुए सम्मेलन में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी घोषणा की थी कि बाबा साहेब के पंच तीर्थों को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल किया जाएगा। इस बार फिर जयंती आ गई, लेकिन अब तक सिर्फ पत्राचार चल रहा है। इसी तरह एक अन्य प्रस्ताव पूर्व कलेक्टर ने सोसायटी की मांग पर शासन को भेजा था। इसके तहत बाबा साहेब के विचारों की एक गैलरी बनाई जानी थी। इसके लिए दो करोड़ रुपए की डिमांड की गई थी, वह राशि भी अब तक नहीं मिली। हालांकि डॉ. भीमराव आंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना जरूर शुरू हुई और 73 लोगों को 28 लाख का लोन भी मिल चुका है। इंदौर के लाेगों को लाभ नहीं मिला।
मुफ्त यात्रा की थी घोषणा, तीर्थ दर्शन योजना में शामिल ही नहीं किया
घोषणा 1 – बाबा साहेब के जीवन से जुड़े पंचतीर्थ के प्रमुख स्थानों को तीर्थ दर्शन यात्रा से जोड़ा जाएगा। ट्रेन से नि:शुल्क यात्रा करवाई जाएगी। भोजन, भ्रमण और ठहरने का सभी खर्च राज्य शासन द्वारा उठाया जाएगा।
क्या हुआ- अब तक तीर्थ दर्शन यात्रा से नहीं जोड़ा गया। सोसायटी से जानकारी मांगी है।
घोषणा- 2- जन्म स्मारक में आने वाले श्रद्धालुओं के रुकने के लिए यहां धर्मशाला का निर्माण करवाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन को राजस्व भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए थे।
क्या हुआ- जमीन नहीं मिली। परिवहन विभाग से अलॉटमेंट होना बाकी।
घोषणा- 3- मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना के अंतर्गत स्वरोजगार, कौशल उन्नयन, नवाचार के लिए दो करोड़ रुपए तक का लोन और अनुदान दिया जाएगा।
क्या हुआ- इंदौर में आवेदन नहीं आए, क्योंकि 200 लोगों का समूह जरूरी है।
मांग भी पूरी नहीं- बाबा साहेब ने समय-समय पर कई विषयों पर अपने विचार रखे थे। सोसायटी ने स्मारक स्थल पर इसकी गैलरी बनाने के लिए दो करोड़ की सहायता मांगी।
क्या हुआ- कलेक्टर की ओर से प्रस्ताव गया पर शासन से कुछ नहीं मिला।
मप्र में आज सार्वजनिक छुट्टी; शिवराज, कमलनाथ और अखिलेश महू आएंगे
राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी है। इसकी अधिसूचना गुरुवार को सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी कर दी। इस दिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सहकारी बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं में भी छुट्टी रहेगी। केंद्र सरकार ने अपने अधीन आने वाले दफ्तरों में इस अवकाश के लिए दो दिन पहले आदेश जारी किया था। वहीं, आंबेडकर जयंती पर महू में राजनेताओं का जमावड़ा लगा रहेगा। राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, उप्र के पूर्व सीएम अखिलेश यादव मौजूद रहेंगे।
अनुयायी बोले- इन सभी वादों को चुनाव में याद रखेंगे
भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेशाध्यक्ष और भीम जन्मभूमि बचाओ समिति के प्रदेश संयोजक मुकुल लक्ष्मण वाघ कहते हैं हर बार वादे किए जाते हैं, पर अनुयायियों के लिए धर्मशाला तक नहीं बन पाई। इस बार अनुयायियों ने प्रण लिया है कि वे इन सभी घोषणाओं को चुनाव के समय याद रखेंगे।
जल्द जमीन मिल जाएगी
जमीन के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखा है। जल्द जमीन मिल जाएगी। सोसायटी अपने हिसाब से वहां निर्माण कर सकेगी।
– डॉ. इलैया राजा टी, कलेक्टर, इंदौर