इंदौर:उच्च शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद भी डीएवीवी से संबद्धता प्राप्त 25 कॉलेज ने तय समय में नई एजुकेशन पॉलिसी से जुड़ा अपना प्रोफाइल अपडेट नहीं किया है। इसमें कॉलेज को यह बताना अनिवार्य है कि तय किए गए 49 वोकेशनल विषयों में से वे कौन से और कितने विषय पढ़ाएंगे। हर कॉलेज को कम से कम दाे विषय चुनना जरूरी है। अधिकतम विषयों की संख्या इंफ्रास्ट्रक्चर के मुताबिक तय हाेगी। ये विषय नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत यूजी प्रथम वर्ष के छात्र इंटर डिसिप्लिनरी के तहत चुनेंगे।
बीकॉम, बीए और बीएससी में लागू किए जा रहे इन वोकेशनल विषयों का सिलेबस भी बन चुका है। अब 10 से 20 नवंबर के बीच किताबें भी छपकर आ जाएंगी। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने हर कॉलेज को कम से कम दाे वोकेशनल विषय और संकाय के हिसाब से इलेक्टिव विषय चुनने के निर्देश दिए थे, लेकिन तय समय शनिवार को पूरा हाे गया। इसके बाद भी 25 कॉलेजों ने प्रोफाइल अपडेट नहीं की। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग अब इन कॉलेजों को नाेटिस भेजने जा रहा है।
ये हैं वोकेशनल विषय
नई एजुकेशन पॉलिसी में बीकॉम, बीए व बीएससी प्रथम वर्ष के छात्रों को वोकेशनल कोर्स का कम से कम एक विषय चुनना अनिवार्य कर दिया है। बीए में 25, बीकॉम में 5 एवं बीएससी में 20 वोकेशनल विषयों के विकल्प रखें गए हैं।
ये हैं कुछ प्रमुख वोकेशनल विषय
- रामचरित मानस का दार्शनिक चिंतन
- लोक प्रशासन : सिद्धांत एवं व्यवहार
- हाउसकीपिंग एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट
- धन एवं बैंकिंग
- नर्सरी प्रबंधन
- कम्युनिकेटिव अंग्रेजी
- अकाउंटिंग
- भारतीय अर्थव्यवस्था एक परिचय
- भारतीय राजनीतिक व्यवस्था
- खनिज और चट्टानें
- मधुमक्खी पालन
- कम्प्यूटर फंडामेंटल
- मानव रोग
- गैर पारंपरिक ऊर्जा संशोधन
सारे विषय किसी न किसी स्किल से जुड़े हैं
न्यू एजुकेशन पॉलिसी में इस तरह के विषय आज के समय की जरूरत के हिसाब से तैयार किए हैं। ये सभी जॉब ओरिएंटेड प्रैक्टिकल विषय हैं। नई एजुकेशन पॉलिसी को कॉलेजों में समझाने का जिम्मा देख रहे डॉ. एमडी सोमानी का कहना है कि अब कॉलेजों को शासन की मंशा के अनुरूप पढ़ाई शुरू करवा देना चाहिए। इस मे भी कोई असमंजस है, वहां हमारी टीम पहुंचकर तकनीकी बिंदु समझाएगी।









