मध्यप्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून लागू कराने के संबंध में भाजपा ने कलेक्टर कार्यालय पर धरना देकर ज्ञापन दिया। भारत की संसद द्वारा नागरिकता संशोधन बिल 2019 पारित किए जाने एवं राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धर्म के आधार पर उत्पीड़ित शरणार्थियों की भारतीय नागरिकता का मार्ग प्रशस्त हुआ है। नागरिकता संशोधन बिल के अनुसार हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, सिंधी और बौद्ध समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता आसानी से उपलब्ध होगी। भाजपा ने आरोप लगाया कि इस ऐतिहासिक निर्णय का पूरे देश में स्वागत और सम्मान हो रहा है, वहीं मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ नागरिकता संशोधन कानून को लागू नहीं करने की बात कह रहे हैं। भाजपा ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का कथन भारत की संप्रभुता, संघीय व्यवस्था और संवैधानिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है। नागरिकता देने और नहीं देने का काम भारत सरकार का होता है, राज्यों का नहीं, लेकिन दुर्भाग्य से वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली कांग्रेस की सरकार के मुखिया ने प्रदेश में भ्रम का वातावरण बनाते हुए अराजकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। इसी बात का विरोध करते हुए आज भारतीय जनता पार्टी ने इंदौर कलेक्टर कार्यालय के सामने राज्यपाल के नाम इंदौर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। भाजपा द्वारा किए गए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
आईटी कॉन्क्लेव-2025 में गूगल-माइक्रोसॉफ्ट करेंगी शिरकत:जीआईएस-2025 की घोषणाओं को निवेश में बदलने की पहल, 27 अप्रैल को होगा आयोजन
इंदौर में आयोजित होने वाले आईटी कॉन्क्लेव में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियां उपस्थिति दर्ज कराएंगी।मध्य प्रदेश सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 27 अप्रैल को इंदौर के…









