
इंदौर नगर निगम का बहुप्रतीक्षित बजट 2025-26 महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने गुरुवार को पेश किया, जिसमें शहरवासियों के लिए कई राहत भरी घोषणाएं की गईं. इस बजट में न तो कोई नया कर लगाया गया है और न ही किसी कर में बढ़ोतरी की गई. महापौर ने साफ किया कि 100 करोड़ रुपये के फर्जी बिल घोटाले में शामिल आरोपी जेल में हैं और जांच एजेंसियों के माध्यम से इस नुकसान की भरपाई कराई जाएगी.
डिजिटल इंदौर की ओर एक और कदम
बजट में इस साल नगर निगम का खुद का डिजिटल पोर्टल शुरू करने की घोषणा की गई है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आएगी. जोमाटो की तर्ज पर डिजिटल कचरा कलेक्शन सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसमें लोग मोबाइल ऐप के जरिए अपने घर से कचरा उठवाने के लिए गाड़ी बुक कर सकेंगे. नए बजट में 8302.46 करोड़ रुपये की आय और 8232.26 करोड़ों रुपये के व्यय का अनुमान जताया गहया है.
इंदौर में लगेगी स्वामी विवेकानंद की भव्य प्रतिमा
शहर में स्वामी विवेकानंद की 39 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी. साथ ही, नगर निगम अपने नए भवन के निर्माण के लिए 350 करोड़ रुपये का लोन लेगा.
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस
बजट में 28 प्रमुख चौराहों के लेफ्ट टर्न चौड़े करने, 15 करोड़ रुपये की लागत से हॉकर्स जोन विकसित करने और धार रोड-चंदन नगर-एयरपोर्ट को जोड़ने वाले ब्रिज के निर्माण की घोषणा की गई है. इसके अलावा, हर विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श सड़क विकसित करने की बात कही गई है.

कैलाश विजयवर्गीय ने की सराहना
बजट सत्र के दौरान वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की आत्मनिर्भरता को सराहा और कहा कि प्रदेश के बाकी नगरीय निकायों की स्थिति यह है कि उन्हें भोपाल से पैसा भेजा जाता है, तब जाकर वे कर्मचारियों को तनख्वाह दे पाते हैं, लेकिन इंदौर इससे अलग और आत्मनिर्भर है.