इंदौर में नागपंचमी पर कुम्हारखाड़ी में पारंपरिक दंगल आयोजित हुआ, जिसमें कई मुकाबले हुए। इसमें कई पहलवानों ने दांव पेंच दिखाए, हजारों दर्शक दंगल देखने जुटे थे।ब्रजलाल गुरु व्यायामशाला द्वारा कुम्हारखाड़ी पर पारंपरिक दंगल 99 सालों से प्रतिवर्ष नागपंचमी पर होता आ रहा है।
इस दंगल में पूरे प्रदेश से ख्यात पहलवान शामिल होते है। सोमवार को भी दंगल का आयोजन हुआ तो कुश्ती के शौकिन प्रेमियों का मजमा जुट गया। रात 11 बजे तक दंगल में अलग-अलग शहरों और कस्बों के पहलवानों ने कुश्ती लड़ी।
नागपंचमी पर शहर में अलग-अलग आयोजन हुए। छत्रीबाग स्थित नाग मंदिर में हजारों महिलाओं ने पूजा अर्चना की, यहां 400 वर्षो से बांबी पूजन की पंरपरा है। सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतार पूजन करने के लिए लगी रही। सुदामा नगर के कालेश्वर धाम में रजत नागदेवता का अनुष्ठान हुआ। संस्थापक भैयाजी ने बताया कि नागपंचमी पर नाग देवता का अभिषेक हुआ और फूल बंगला सजाया गया। धाम में भक्तों की सुबह से लेकर रात तक भीड़ जुटी रही। चौरसिया समाज ने समाज के गुणीजनों का सम्मान किया।









