गोम्मटगिरी पर रास्ता देने के विवाद में जैन समाज ने सरकार को चुनाव लड़ने की चेतावनी दे दी है। जैन समाज का कहना है कि यदि गोम्मटगिरी से गुर्जर समाज का कब्जा नहीं हटा तो मप्र की 106 विधानसभा सीटों पर जैन समाज इस बार अपने समाज के लोगों को चुनाव में उतारेगा। वहीं दूसरी ओर गुर्जर समाज ने कहा है कि किसी भी विवाद का हल कानूनी रास्ते से निकलना चाहिए लेकिन यदि जैन समाज चुनाव लड़ने की चेतावनी दे रहा है तो सरकार यह भी ध्यान रखे कि राजनीति में हम भी कम नहीं हैं। गुर्जर समाज समय समय पर अपनी राजनीतिक ताकत को देशभर में साबित कर चुका है।
क्या है मामला
गोम्मटगिरी पर जैन तीर्थ है जहां भगवान बाहुबली की प्रतिमा स्थापित है। वहीं पास में देव नारायण भगवान का मंदिर है जो गुर्जर समाज की आस्था का मुख्य केंद्र है। नीचे सड़क से ऊपर जैन तीर्थ तक जाने के लिए सीढ़ीदार रास्ता बना हुआ है। इसी रास्ते के पास से गुर्जर समाज देव नारायण मंदिर तक आने के लिए एक रास्ता चाहता है। जैन समाज का कहना है कि रास्ते के बीच में आने वाली जमीन जैन समाज की है जो वे नहीं देना चाहते। वहीं गुर्जर समाज का कहना है कि पहाड़ी पर जैन समाज ने गलत तरीके से कब्जा किया है। यह पहाड़ी सदियों से देव नारायण टेकरी के नाम से जानी जाती थी और वहां पर देव नारायण भगवान का मंदिर लगभग 200 साल से स्थापित था। जैन समाज का मंदिर मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के शासनकाल में बना और इसके बाद पहाड़ी का नाम भी बदलकर गोम्मटगिरी कर दिया गया। विवाद के बाद प्रशासन ने यहां पर जैन और गुर्जर समाज द्वारा करवाए जा रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। दोनों ही पक्षों ने मामला हाईकोर्ट में लगा रखा है।
गुर्जर समाज बोला- हमें कानून पर पूरा विश्वास, लेकिन किसी ने धमकी दी तो ठीक नहीं होगा
गुर्जर समाज के सचिव डालचंद गुर्जर ने कहा कि वे इस विवाद का हल कानून के माध्यम से ही निकालेंगे लेकिन यदि कोई धमकी देगा तो ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हम भी नहीं चाहते कि विवाद हो लेकिन सच सबके सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मंदिर दो सौ सालों से हमारी आस्था का प्रतीक है। हम कोर्ट में इस मामले पर केस लड़ रहे हैं और हमें पूरा विश्वास है कि कोर्ट हमारे साथ न्याय करेगा। इस विवाद में छह जगह अलग अलग मामले चल रहे हैं।

हमें सिर्फ मंदिर तक जाने के लिए रास्ता चाहिए
गुर्जर समाज का कहना है कि हम विवाद नहीं करना चाहते हमें सिर्फ हमारे मंदिर तक जाने के लिए रास्ता चाहिए। पक्का रास्ता नहीं होने की वजह से भक्तों को बहुत परेशानी होती है। पहाड़ी पर चढ़ने की वजह से कई बुजुर्ग मंदिर तक आ भी नहीं पाते। बारिश के मौसम में कीचड़ और फिसलन की वजह से गिरने का भी डर बना रहता है। पक्का रास्ता बन जाने से भक्तों को आसानी से भगवान के दर्शनलाभ मिल सकेंगे।

जैन समाज ने दी चेतावनी, कहा- सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा
जैन संत पुलक सागर जी महाराज, संत सुधा सागर जी, संत पुलक सागर जी, संत प्रणाम सागर जी और संत आदित्य सागर जी महाराज समेत देश के तमाम जैन संतों ने वीडियो जारी कर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि गोम्मटगिरि से कब्जा नहीं हटा, तो इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष भरत मोदी ने बताया कि प्रदेश के 38 जिलों की जैन बाहुल्य 106 सीटें चयनित कर ली गई हैं। जैन संतों ने इन सीटों का चुनाव किया है। इन सभी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस-भाजपा में जीत-हार का अंतर 100 वोट से लेकर 36 हजार तक होता है। सभी सीटों पर इतनी ही आबादी के जैन वोटर भाजपा-कांग्रेस के नेताओं का समीकरण बिगाड़ सकते हैं।विज्ञापन

सरकार से सीधे टकराने में पीछे नहीं हटेंगे
भरत मोदी ने कहा कि दिगंबर जैन समाज गोम्मटगिरि को अतिक्रमणकारियों से बचाने के लिए साल 2015 से संघर्ष कर रहा है। हाईकोर्ट ने भी हमारे पक्ष में आदेश जारी किए। इसके बावजूद प्रशासन अतिक्रमणकारियों का साथ दे रहा है। अब हम सरकार से सीधे टकराने में पीछे नहीं हटेंगे।









