भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे इंदौर में गुरुवार के दिन राहत की बूंदें बरसी। शहर के कई क्षेत्रों में आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश के बाद कई रास्ते जाम हो गए और पानी में सड़कें पूरी तरह से डूब गई। इससे यह भी पता चला कि पिछली बारिश की गलतियों से हमने कितना सीखा है। जाम से जूझ रहे शहर में जब भी बारिश होती है सड़कें पानी में डूब जाती हैं और लोग घंटों तक परेशान रहते हैं। नगर निगम ने दावा किया था कि इस बार बारिश से पहले सभी क्षेत्रों में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी ताकि कहीं पर भी पानी नहीं भले लेकिन इस बार भी यह होता नहीं दिख रहा है। पिछले तीन-चार दिनों से लगातार बादलों का दौर था। गुरुवार को भी सुबह से ही बादल छाए थे। इसके बाद 11.15 बजे बादल गरजना शुरू हुई और बारिश होने लगी। पूर्वी क्षेत्र के गांधी प्रतिमा, पलासिया, कनाडिया, विजय नगर आदि हिस्सों में बारिश शुरू हुई जबकि पश्चिम क्षेत्र के राजाबाडा, मालगंज, मल्हारगंज सहित कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। बादलों को देखकर ऐसा लग रहा मानो तेज बारिश होगी लेकिन नहीं पानी अधिक नहीं बरसा।
एबी रोड पर भरा पानी
गुरुवार सुबह 11.15 बजे इंदौर पूर्व के विजय नगर, एलआईजी से लेकर देवास नाका तक जमकर बारिश हुई। इससे पुराने एबी रोड पर पानी भर गया। इस बार जून में नाममात्र बारिश हुई थी जो पिछले साल से कम है। सामान्य तौर पर इंदौर में जून में पांच इंच बारिश सामान्य मानी जाती है लेकिन इस बार एक इंच भी नहीं हुई है। ताजा बारिश से यह आंकड़ा बदलने की उम्मीद है। दिन के तापमान में गिरावट का अनुमान है। 14 दिन पहले भी इंदौर में हल्की फुल्की बारिश हुई थी।
30 जून तक इंदौर पहुंचेगा मानसून
मौसम केंद्र भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक एचएस पांडे के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत प्रदेशभर में अगले 72 घंटे में मानसून पहुंच जाएगा। हालांकि इंदौर आने में इसे 29 या 30 जून हो सकता है।









