इंदौर मेें आने आने वाले दो सालों में इंदौर के ट्रैफिक की सूरत बदल जाएगी। इंदौर में रेलवे पर पांच नए ओवरब्रिज मंजूर हुए है जबकि बायपास पर भी पांच फ्लाईओवर का काम हो रहा हैै। केंद्र सरकार की भारतमाला योजना के अंतर्गत शहर में चार फ्लाईओवर बन रहे है। शहर के व्यस्त मार्गों पर इंदौर विकास प्राधिकरण भी सात ब्रिज बना रहा है। इस तरह दो सालों के बीच 21 ब्रिज बन जाएंगे, जो शहर के ट्रैफिक की राह आसान कर देंगे।एक समय था जब इंदौर में एक ब्रिज बनने मेें पांच-छह साल लग जाते थे। राजकुमार ब्रिज और केसरबाग ब्रिज ने सात साल से ज्यादा का समय बननेे में लिया, लेकिन अब शहर में तेजी से ब्रिज बन रहे है। बायपास पर पांच ब्रिजों का निर्माण शुरु हो चुका है। इसकेे अलावा इंदौर विकास प्राधिकरण भंवरकुआ चौराहा, खजराना चौराहा, फूटीकोठ, लवकुश चौराहा सहित सात स्थानों पर ब्रिज बना रहा है। खजराना ब्रिज के लिए पेड़ों का भी ट्रांसप्लांट किया जा चुका है। लवकुश चौराहे पर डबल डेकर ब्रिज आकार लेगा। दस सालों मेें शहर मेें सात ब्रिज बने है,जबकि अब दो सालों में तीगुने ब्रिज आकार लेंगे।
सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि जल्द ही रेलवे पर पांच नए ओवरब्रिज बनेंगे और पूरे शहर में केसरबाग मार्ग के रेलवे क्रांसिंग को छोड़कर ऐसी जगह नहीं होगी जहां रेलवे पटरी के कारण यातायात को रुकना पड़ेगा।इंदौर के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बेहद तेज गति से काम हो रहे हैं और आने वाले कुछ सालों में इंदौर की ट्रैफिक समस्या का समाधान का प्रयास किया जा रहा है । इसके लिए एक सर्वे भी हो चुका है।









