कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म आदिपुरुष पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के द्वारा हमारे जीवन के आराध्य ग्रंथ रामायण के पात्रों के साथ खिलवाड़ किया गया है।
शुक्ला ने इंदौर में कहा कि ओम राउत के द्वारा निर्देशित फिल्म आदिपुरुष देशभर में रिलीज हो चुकी है। शुक्ला ने कहा कि इस फिल्म के माध्यम से भद्दे कंप्यूटर ग्राफिक का उपयोग करते हुए रामायण ग्रंथ के पात्रों के साथ खिलवाड़ किया गया है। यह ग्रंथ हम लोगों का जीवन ग्रंथ है। हिंदू समाज के लिए रामायण और गीता सबसे पूज्य ग्रंथ हैं। ऐसे में कथानक के साथ खिलवाड़ पूरे हिंदू समाज के साथ खिलवाड़ है। ऐसे में यह आवश्यक है कि मध्य प्रदेश सरकार इस फिल्म पर प्रदेश में प्रतिबंध लगाए। इस फिल्म से हिंदू समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं ऐसे में इस फिल्म का प्रदर्शन तत्काल रोका जाना आवश्यक है।
संवाद स्तरहीन, इससे गलत संदेश गया
शुक्ला ने कहा कि फिल्म के बहुत सारे संवाद स्तरहीन हैं। इससे समाज में गलत संदेश गया है। फिल्मों का हमारे मन और जीवन पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि हम अपन धर्म और संस्कृति पर आधारित फिल्मों से छेड़छाड़ तो नहीं कर रहे हैं। अब इस फिल्म को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
कई सुपरस्टार से सजी है फिल्म
इस फिल्म में प्रभास राघव, कृति सेनन और सैफ अली खान के द्वारा मुख्य भूमिका का निर्वहन किया गया है। हिंदी और तेलुगु दो भाषा में बनाकर तैयार की गई यह फिल्म एक साथ रिलीज की गई है।
बजरंग दल के चक्का जाम को लेकर सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करे
शुक्ला ने इंदौर में पलासिया चौराहे पर बजरंग दल के द्वारा किए गए चक्काजाम और उसके बाद पुलिस के द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर भी प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से सरकार की स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। शुक्ला ने कहा कि इंदौर में नाइट कल्चर और मादक पदार्थों के बढ़ते कारोबार के मुद्दे को लेकर पलासिया चौराहे पर बजरंग दल के द्वारा चक्काजाम किया गया। इस चक्काजाम के कारण चौराहे पर सैकड़ों वाहन कतार बंद हो गए। स्थिति बिगड़ने लगी । उसके बाद में पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज किया गया। शुक्ला ने कहा कि इस मामले में सरकार को अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए। सरकार यह बताए कि क्या बजरंग दल के द्वारा किया गया आंदोलन गलत था? क्या यातायात के दबाव वाले समय में शहर के प्रमुख चौराहे को चक्काजाम कर बंद कर देना उचित था? क्या पुलिस के द्वारा कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए लाठी चार्ज करना गलत था? ऐसा सारे सवालों के जवाब सरकार की ओर से आना चाहिए। सरकार पुलिस और बजरंग दल दोनों को सही कहने से बाज आए।









