एनडीटीवी के मालिक और संस्थापक प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड (RRPRH) के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी जानकारी में कंपनी ने बताया है कि त्यागपत्र मंगलवार, 29 नवंबर से प्रभावी हो गया है. सुदीप्त भट्टाचार्य, संजय पुगलिया और सेंथिल सिन्नैया चेंगलवारायण को आरआरपीआरएच के बोर्ड में निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है. इन नियुक्तियों के साथ ही अडानी ग्रुप की एनडीटीवी के बोर्ड में एंट्री हो गई है.
राधिका रॉय और प्रणय रॉय एनडीटीवी के सह-संस्थापक हैं. आरआरपीआर के निदेशक के रूप में उनका इस्तीफा फर्म द्वारा विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) को अपनी इक्विटी पूंजी के 99.5 प्रतिशत तक के शेयरों को स्थानांतरित करने के एक दिन बाद आया है. वीसीपीएल का स्वामित्व अडानी समूह की मीडिया शाखा एएमजी मीडिया नेटवर्क लिमिटेड (AMNL) के पास है.
आरआरपीआर होल्डिंग ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) स्टॉक एक्सचेंज को भेजे एक पत्र में कहा है कि शेयरों के हस्तांतरण से अडानी समूह को एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल जाएगी. इसके साथ अडानी समूह ने 26 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी के लिए भी ओपन ऑफर पेश किया है. सेबी ने 7 नवंबर को 492.81 करोड़ रुपये की इस खुली पेशकश को मंजूरी दी थी. इसके जरिए 294 रुपये प्रति शेयर की कीमत से 1 करोड़ 67 लाख शेयरों की पेशकश की गई है.
5 दिसंबर तक है ओपन ऑफर
23 अगस्त को गौतम अडानी समूह ने एनडीटीवी में 29.18 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी, तभी अडानी ग्रुप ने एनडीटीवी के 26 फीसदी शेयर खरीदने का ऐलान किया था. इसके लिए ओपन ऑफर लाए जाने की बात कही थी. अडानी ग्रुप ने 22 नवंबर को ओपन ऑफर पेश किया था जो 5 दिसम्बर तक खुला हुआ है. अडानी ग्रुप ने अगस्त, 2022 में विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) का अधिग्रहण करने का ऐलान किया था. वीसीपीएल ने 2009 और 2010 में एनडीटीवी के प्रमोटर यानी प्रणय रॉय और राधिका रॉय को 403.85 करोड़ रुपये का ऋण दिया था. इस कर्ज के एवज में कर्जदाता से किसी भी समय एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रावधान रखा था.
क्या रवीश देंगे इस्तीफा ? माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और पत्रकार संस्थान से इस्तीफा देंगे. इनमें जाने-माने पत्रकार रवीश कुमार भी शामिल हैं. मीडिया में बातें चल रही हैं कि जल्द वे इस्तीफा दे सकते हैं.
इसके पहले रवीश कुमार ने इशारों में ऐसे कयासों पर जवाब दिया था. उन्होंने कहा था कि अपने ही अंदाज में उन्होंने ट्वीट कर ऐसे कयासों का खंडन किया. रवीश कुमार ने लिखा था कि, ‘माननीय जनता, मेरे इस्तीफ़े की बात ठीक उसी तरह अफ़वाह है, जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुझे इंटरव्यू देने के लिए तैयार हो गए हैं और अक्षय कुमार बंबइया आम लेकर गेट पर मेरा इंतज़ार कर रहे हैं.’









