जयपुर. राजस्थान में अशोक गहलोत के उत्तराधिकारी की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है. इसको लेकर लगातार विरोध के स्वर उठ रहे हैं. गहलोत समर्थक विधायक किसी भी सूरत में सचिन पायलट को स्वीकारने के मूड में नहीं हैं. जिसकी बानगी रविवार को बखूबी देखने को मिली. वहीं, गहलोत समर्थक कुछ विधायक पार्टी लाइन के इतर आलाकमान के खिलाफ भी जमकर बयानबाजी किए.
दरअसल, हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और गहलोत खेमे के विधायकों के आचरण से नाराज सीडब्ल्यूसी के सदस्य खासा नाराज हैं. यही कारण है कि उन्होंने पार्टी प्रमुख से उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की है. जिसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि अशोक गहलोत पर विश्वास करना सही नहीं होगा. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को उनकी उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करना चाहिए. वहीं, सदस्यों ने सोनिया गांधी से एक ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने का आग्रह किया है, जो वरिष्ठ होने के साथ ही गांधी परिवार के प्रति भी वफादार हो.
गौरतलब है कि गहलोत खेमे के विधायक कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे. ऐसे में मौजूदा हालातों को देखते हुए दिग्विजय सिंह और मुकुल वासनिक जैसे पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को संभावित उम्मीदवार बनाने पर विचार हो सकता है. बता दें कि पार्टी के शीर्ष पद की दौड़ में शामिल शशि थरूर आगामी 30 सितंबर को नामांकन दाखिल करेंगे.









