भोपाल। सोशल मीडिया पर गलत फोटो डालने की दिग्विजय सिंह की गलती बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने भी दोहरा दी है. अब कांग्रेस इस मामले में सरकार से कैलाश विजयवर्गीय पर मामला दर्ज किए जाने की मांग कर रही है. कैलाश विजयवर्गीय ने ट्विटर पर जो वीडियो खरगोन का बताकर पोस्ट किया. वह करीब 3 साल पहले तेलंगाना का बताया जा रहा है. ऐसे ही एक अन्य मामले में दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल पुलिस ने धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश का मामला दर्ज किया है.
कैलाश ने शेयर किया यह वीडियोः बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अपने वैरीफाइड ट्विटर अकाउंट से एक वीडिया शेयर करते हुए लिखा कि यह हैं खरगोन के चचाजान दिग्विजय के शांतिदूत. पुलिस इन पर कार्रवाई न करे तो क्या करे. आस्तीन के सांप कोई भी हो, फन कुचलना जरूरी है. कैलाश विजयवर्गीय द्वारा ट्वीट किए गए वीडिया को उनके फाॅलोअर्स ने फर्जी बताना शुरू कर दिया. फाॅलोअर ने ट्वीट कर बताया कि यह 2 साल पुराना तेलंगाना का वीडिया हो. इसके साथ न्यूज क्लिप अटैच करते हुए लिखा कि वीडियो में दिखाई दे रहे युवक पर पुलिस कार्रवाई भी कर चुकी है. 21 सेकंड के इस वायरल वीडियाे में एक व्यक्ति पहले तो सामने खड़ी पुलिस की गाड़ियों को गिनता है, और फिर कहता है कि हम जरा कुछ करें तो तहलका मचा देते हैं लोग. इतना डर काफी है तुम्हारे लोगों के लिए, समझे न.
विजयवर्गीय पर भी मामला दर्ज करने की मांगः इस वीडियाे के बाद कांग्रेस ने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ झूठे वीडियो के मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि खरगोन में हालात तनाव पूर्ण हैं. वहां कर्फ्यू लगा है. ऐसे में इस तरह के झूठे वीडियो वायरल करना बेहद आपत्तिजनक है. उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच कर विजयवर्गीय के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.
दिग्विजय सिंह पर हुआ था मामला दर्जः गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने दूसरे स्थान का फोटो खरगोन का बताकर ट्वीटर पर पोस्ट किया था. इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई थी. बीजेपी ने इसकी भोपाल क्राइम ब्रांच ने इसकी शिकायत की. इसके बाद दिग्विजय सिंह के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था.









