छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर मामला गरमाया हुआ है. इसी बीच केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने बड़ा बयान देते हुए अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों को पिछड़े के नाम पर राजनीति करके उन्हें आग में नहीं झोंकना चाहिए
27 फीसदी आरक्षण अभी तक नहीं हुआ कंफर्म
केंद्रीय राज्य मंत्री पहलाद पटेल ने कहा कि 2009 में ही न्यायालय ने कहा था कि आयोग के जरिए तय कीजिए लेकिन दुर्भाग्य से मध्यप्रदेश में वह नहीं हो सका. उन्होंने कहा कि बिहार में चुनावों में आरक्षण है. संसद ने नौकरी में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण (obc reservation for job in mp) की बात कही थी, लेकिन चुनावों में होगा या नहीं होगा यह कंफर्म नहीं था. इस मामले को लेकर तत्कालीन सरकार को या तो संसद में जाना था या फिर सुप्रीम कोर्ट से पूछना था, लेकिन उन्होंने यह नहीं किया.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर अभी भी विवाद है. दोनों पार्टियां को इस मामले पर आपसी सहमति बनाकर संसद में जाना चाहिए या फिर कोर्ट में जाना चाहिए. उन्होंने सख्त लहजे में यह भी कहा कि ओबीसी वर्ग को राजनीति के नाम पर आग में मत झोंकिये. बेहतर होगा कि दोनों दलों को यानी हमें और दूसरे दलों को भी कोर्ट में जाना चाहिए. उसके बाद फिर मामला संसद में लाना चाहिए.









