आज पहली बार दिग्विजय सिंह के गढ़ राघोगढ़ में सिंधिया कोई बड़ा कार्यक्रम करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि वे दिग्गी राजा के करीब मूलसिंह के बेटे हीरेन्द्र सिंह को बीजेपी में शामिल करवा सकते हैं. अगर ऐसा हुआ, तो ये एमपी की सियासत में अहम घटना होगी. क्योंकि इससे पहले सिंधिया सीधे तौर पर दिग्विजय सिंह पर हमला करने से बचते रहे हैं.
गुना। शनिवार का दिन मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के लिए टर्निंग प्वाइंट हो सकता है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पूर्व CM दिग्विजय सिंह के गढ़ और गृह नगर में कुछ बड़ा करने जा रहे हैं. इस दौरान ‘महाराज’ यानि सिंधिया ‘राजा’ यानि दिग्विजय सिंह को जोर का झटका दे सकते हैं.
‘राजा’ को झटका देंगे ‘महाराज’ !
सियासत के गलियारों में चर्चा है कि दिग्गी के करीबी और राघोगढ़ सीट से दो बार विधायक रहे मूलसिंह दादाभाई के बेट हीरेन्द्र सिंह BJP में शामिल हो सकते हैं. ये खेला कराने वालें हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया. वे कांग्रेस का दामन छोड़कर कई समर्थकों के साथ सिंधिया की मौजूदगी में BJP की सदस्यता ले सकते हैं.सिंधिया के करीबियों ने दावा किया है कि हीरेंद्र सिंह लंबे समय से सिंधिया के संपर्क में हैं. उनके बीजेपी में आने की अटकलें काफी समय से चल रही हैं. लेकिन राघोगढ़ के आईटीआई ग्राउंड में शनिवार को सिंधिया का कार्यक्रम होना है. सिंधिया समर्थकों का दावा है कि यहीं पर दिग्गी राजा को ‘महाराज’ पटखनी देंगे.
दिग्विजय पर सीधा हमला करने से बचत रहे हैं सिंधिया
अभी तक कभी भी सिंधिया ने दिग्विजय के इलाके में सार्वजनिक कार्यक्रम या सभा नहीं की है. 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले केवल एक बार 16 मई 2018 को जयवर्धन सिंह के निमंत्रण पर वे राघोगढ़ किले पर भोजन करने पहुंचे थे. मार्च 2020 में BJP का दामन थामने के बाद भी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अभी तक दिग्विजय सिंह के इलाके में कार्यक्रम नहीं किया था. भाषणों में भी सिंधिया दिग्विजय सिंह पर खुलकर कुछ नहीं बोले हैं. 2020 के उपचुनावों में भी सिंधिया ने कमलनाथ पर ही ज्यादा हमला किया. दिग्विजय सिंह और उनके पुत्र जयवर्धन सिंह लगातार सिंधिया पर हमला करते रहे हैं.
दिग्गी के करीबी मूलसिंह के बेटे हीरेंद्र को BJP में शामिल कराने की तैयारी
ज्योतिरादित्य सिंधिया के BJP में जाने के बाद से ही यह चर्चा थी कि सिंधिंया कब दिग्विजय सिंह को चुनौती देंगे. लगभग डेढ़ साल बाद BJP दिग्गी राजा के इलाके में बड़ी सेंध लगाने में कामयाब होती दिखाई दे रही है. माना जा रहा है कि जिस तरह उपचुनावों में दिग्विजय सिंह, उनके भाई लक्ष्मण सिंह और राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह चौपेट नदी की सीमा लांघकर सिंधिया के इलाके में चुनाव प्रचार करने आए थे, अब सिंधिया भी चौपेट नदी की सीमा लांघकर राघोगढ़ में दम दिखाएंगे.









