आजादी के अमृत महोत्सव के तहत राज्य शासन 4 दिसंबर को महू के पातालपानी में क्रांतिकारी टंट्या मामा की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। कार्यक्रम के पहले आदिवासी जिलों में क्रांतिसूर्य जननायक टंट्या भील गौरव गाथा को सुनाने और दिखाने के लिए यात्राएं निकलेगी। इस यात्रा में टंट्या मामा की जन्मस्थली बडोदा अहीर से लाया गया माटी कलश भी साथ होगा।
यात्रा के साथ 20 सदस्यीय जनजातीय समुदाय के लोक कलाकारों की टीम होगी। यह टीम जननायकों की गौरव गाथा को आदिवासी समुदाय के सामने प्रदर्शित करेगी। वाहन में एलईडी के माध्यम से कार्यक्रम दिखाया जाएगा। वाहन में लोक प्रस्तुति हेतु मंच और ध्वनि प्रसारण व्यवस्था भी मौजूद रहेगी। 27 नवंबर को खंडवा से प्रारंभ होने वाली माटी कलश यात्रा 2 दिसंबर को रात्रि में कुक्षी से होकर धार जिले में प्रवेश करेगी। कार्यक्रम को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव यादव के नेतृत्व में यात्रा के स्वागत हेतु बैठकें आयोजित की जा रही हैं। अधिक से अधिक लोगों की यात्रा और माटी दर्शन में सहभागिता हो इसको लेकर संगठन स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं।
दो मार्ग से जिले में प्रवेश करेगी यात्रा
क्रांतिसूर्य जननायक टंट्या भील गौरव यात्रा दो मार्गों से धार में प्रवेश करेगी। दूसरा यात्रा मार्ग जोबट से टांडा का तय किया गया है। यहां से बदनावर और धार होकर यात्रा इंदौर पहुंचेगी। कुक्षी से प्रवेश करने वाली यात्रा धरमपुरी, मनावर, गंधवानी होकर धार पहुंचेगी। इस दौरान छोटी यात्रा सभाओं का करीब 8 स्थानों पर आयोजन रखा गया है। प्रशासनिक स्तर पर भी यात्रा के रूट मार्ग पर आवश्यक व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर पंकज जैन ने भी संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारियों को आवश्यक तैयारियों हेतु निर्देशित किया है।









