इन्दौर : आईजी हरिनारायणाचारी मिश्र द्वारा ज़ोन स्तरीय क्राइम मीटिंग ली गई,जिसमें सभी उप पुलिस महानिरीक्षकगण और सभी पुलिस अधीक्षकगण उपस्थित रहे।जिलेवार अपराधों की समीक्षा करते हुए आईजी ने लंबित अपराध मर्ग,शिकायत और चिन्हित अपराधों पर बिंदुवार चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिए।आईजी ने अपराध अनुसंधान और अपराध ट्रेसिंग में तकनीक का प्रयोग करने संबंधी निर्देश देते हुए डायल 100 क्राइम मैपिंग,सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और अपराधियों की बुकलेट तैयार करने को कहा।मीटिंग के दौरान आईजी ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराधों की प्रवृत्ति में बदलाव हुआ है।जिस कारण पुलिस को जीपीएस ट्रैकिंग और रेंडम चेकिंग जैसी पद्धतियों को अपनाना होगा। पुलिस अधीक्षक गणों को निर्देश देते हुए आई जी ने कहा कि छोटे-मोटे संपत्ति संबंधी अपराधों के निराकरण हेतु थानावार कैंप लगाया जाए साथ ही अपराधों की रोकथाम हेतु जेल रिहाई व पैरोल रिहाई की सघन चेकिंग की जावे।प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों के प्रभावी उपयोग तथा गिरफ्तारी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन कराने पर जोर देते हुए आईजी ने मादक पदार्थों के नष्टीकरण और बिना बीमा वाहनों की सघन चेकिंग अभियान चलाने की बात कही।आई जी द्वारा संवेदनशील स्थानों जैसे सर्राफा,बैंक आदि जगहों पर फ्रंट कैमरा लगाने की बात कही जिससे इन संस्थानों में प्रवेश से पूर्व व्यक्ति एक बार अपना मास्क उतार कर फोटो लिए जाने के बाद ही बैंक व सर्राफा में प्रवेश करे साथ ही महिला संबंधी अपराधों में तत्परता से कार्य करने और एस्ट्रोसिटी एक्ट के प्रकरणों में राहत राशि और पीड़ित प्रतिकर योजना के लाभ दिलवाने पर जोर दिया।विशेषज्ञों द्वारा कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताने के परिपेक्ष्य में आई जी द्वारा इससे निपटने हेतु जिलेवार जानकारी ली गई और कोरोना से मरने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों की अनुकंपा नियुक्ति और आर्थिक सहायता की प्रोग्रेस रिपोर्ट देखी।आई जी द्वारा कोरोना काल में पूरे ज़ोन में पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की,पुलिस परिवारों के टीकाकरण हेतु विशेष केंद्र, कोविड-19 डेडीकेटेड अस्पताल तथा ऑक्सीजन और दवाइयों की आपूर्ति की सराहना की और कहा की स्थिति को देखते हुए हम सभी को कोविड एप्रोप्रिएट व्यवहार का पालन करना आवश्यक है।









