इंदौर जिला जेल में पिछले 1 सप्ताह से बंदियों द्वारा हर्बल कलर का प्रशिक्षण देकर कलर बनवाए जा रहे थे, जहां महिला पुरुष बंदी पिछले 1 हफ्ते से इनका प्रशिक्षण लेकर कलर तैयार करने में जुटे थे।
हर्बल कलर को पूर्ण रूप से तैयार करने के बाद जिला जेल द्वारा जेल के बाहर कलरों की बिक्री हेतु स्टॉल लगाकर आने वाले बंदे के परिजनों को देने के लिए हर्बल कलर की बिक्री और बंदियों के द्वारा तैयार किए गए साड़ी चुन्नी को रखा गया है। यहां तैयार किये गए कलरों को पैकेट में पैक कर उसकी बिक्री की जा रही है। कीमत 10 से 20 रूपये तक रखी गई है, जो बंदी के परिजन यहां से कलर को विक्रय करके ले जा रहे हैं। जिला जेल की यह पहल से पर्यावरण को सहजने के लिए की गई है।
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