इंदौर नगर निगम के कमिश्नर आशीष सिंह ने सख्ती दिखाते हुए कार्य में लापरवाही बरतने वाले 50 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी है, जबकि अपर आयुक्त के फर्जी दस्तखत कर ई नगर पालिका निगम पोर्टल का पासवर्ड हासिल करने का प्रयास करने वाले पांच कर्मचारियों को भी हाजिरी से मुक्त कर दिया गया है।
इंदौर नगर पालिका निगम अब प्रशासक के अधीन है। यही वजह है कि अब बिना किसी दबाव प्रभाव के नगर निगम प्रशासनिक कसावट में जुट गया है। नगर निगम के आयुक्त आशीष सिंह ने सख्ती दिखाते हुए 50 ऐसे कर्मचारियों को सेवा से मुक्त कर दिया है, जो अपने कार्य में लापरवाही बरत रहे थे। इनमें से अधिकांश कर्मचारी सफाई विभाग से जुड़े थे। वहीं अपर आयुक्त की फर्जी दस्तखत कर आर्थिक लाभ उठाने का प्रयास करने वाले 5 कर्मचारियों को भी हाजिरी से मुक्त कर दिया गया है। आशीष सिंह द्वारा कि गई इस कार्रवाई के बाद नगर निगम में हड़कंप मचा हुआ है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में कई और कर्मचारी भी निगमायुक्त के निशाने पर आ सकते हैं।
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