मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल आज 1 अनोखा मामला आया है। मामला इतना बड़ा था कि शहर के तीन हिस्सों के थाना प्रभारियों को मोर्चा संभालना पड़ा। यहां हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर परिवार के हवाले कर दिया। वहीं जब बच्चे का अंतिम संस्कार किया जा रहा था तो वह बोल उठा।
इसके बाद परिजन आक्रोषित हो उठे और आनन फानन में मरीज को दोबारा हॉस्पिटल लाया गया। लेकिन डॉक्टरों कि गैर मौजूदगी के चलते इलाज नहीं हो पाया और मरीज को बॉम्बे हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां इलाज में देरी होने के कारण मरीज ने दम तोड़ दिया। वहीं घटना को लेकर मरीज के परिवार वालों में खासा आक्रोश देखने को मिला। परिवार के सदस्यों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए, हॉस्पिटल को सील करने कि मांग की है। इस दौरान परिवार वालों ने मेदांता अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ भी कर दी। पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जांच करने की बात कही है। साथ ही मेदांता के सीनियर डॉक्टर का कहना है कि जो मृतक के परिजनों द्वारा इल्जाम लगाया जा रहा है वह सरासर बेबुनियाद है। मरीज ब्रेन डेड का शिकार था और परिजन अस्पताल से ना ले जाने की बात पर भी उसे अस्पताल से ले गए। बहरहाल पुलिस इस पूरे मामले में जांच कर रही है।
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