प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोड़ो समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने के सिलसिले में आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए शुक्रवार को असम में कोकराझार जाएंगे। पिछले महीने की 27 तारीख को इस समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे। इस कार्यक्रम में बोडो स्वायत्त क्षेत्र और राज्य के अन्य भागों से चार लाख से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना है। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वहां के मूल निवासी भाग लेंगे। पूर्वोत्तर का विकास नरेन्द्र मोदी सरकार की प्राथमिकता रही है और वहां शांति के लिए सक्रियता से काम किया जा रहा है। केन्द्र ने पिछले पांच वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र की प्रगति को बहुत महत्व दिया है। इस समझौतो से बोडो आदिवासियों को राजनीतिक, आर्थिक और भूमि अधिकार प्राप्त होगा। इसके अलावा उनकी सांस्कृतिक और भाषायी पहचान को भी सुरक्षित रखा जाएगा। केन्द्र और राज्य सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए एक हजार पांच सौ करोड रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे। यह समझौता असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों में शांति और विकास का एक नया मार्ग प्रशस्त करेगा। बोडो समझौते के दो दिन के भीतर नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट और बोडोलैंड के विभिन्न धड़ो के एक हजार छह सौ पन्द्रह सदस्यों ने अपने हथियार त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया।
आईटी कॉन्क्लेव-2025 में गूगल-माइक्रोसॉफ्ट करेंगी शिरकत:जीआईएस-2025 की घोषणाओं को निवेश में बदलने की पहल, 27 अप्रैल को होगा आयोजन
इंदौर में आयोजित होने वाले आईटी कॉन्क्लेव में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियां उपस्थिति दर्ज कराएंगी।मध्य प्रदेश सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 27 अप्रैल को इंदौर के…









