आर्मी हमारे खून में दौड़ती है और आर्ट हमारी आत्मा में बसता है। यह दोनों ही हमें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं। आप मन से कैसे हैं यह आपके आर्ट में झलकता है और आप सेना में काम करते हैं यह आपकी पूरी पर्सनालिटी में झलकता है। यह बात सैन्य अधिकारी ले कर्नल अन्नपूर्णा प्रधान ने इंदौर में आयोजित ‘Lit Women’s चौक’ में कही। प्रधान पट्टचित्र आर्ट में काम करती हैं, यहां पर उनकी पेंटिंग्स की प्रदर्शनी भी लगी। इसमें सिल्क के फेब्रिक पर पारंपरिक रंगों से चित्रों को उकेरा जाता है।
महिलाओं के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कई पहलुओं पर बात की। उन्होंने कहा कि सेना में जाने के बाद महिलाएं यह बात भूल ही जाती हैं कि वह महिला हैं। वहां पर जाकर सिर्फ यह बात ध्यान रहती है कि हम देश की रक्षा के लिए यहां पर हैं। प्रधान ने यह भी कहा कि महिलाओं की संख्या आर्मी में तेजी से बढ़ रही है। अब जागरूकता बढ़ रही है और आर्मी में जाने के लिए खुद महिलाएं आगे आ रही हैं।

कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं
कार्यक्रम में प्रधान के साथ अभिनेत्री सुनीता रजवार और उद्यमी अदिति चौरसिया ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में विभिन्न विधाओं और क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं ने भाग लिया। इनमें गृहिणी, कलाकार, कामकाजी महिलाएं और छात्राएं शामिल थी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था कि महिलाएं एकदूसरे के लिए रास्ते खोजते हुए दूसरी महिलाओं को भी सक्षम बनाएं।









