ग्वालियर। ग्वालियर चंबल अंचल के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल जयारोग्य चिकित्सालय समूह पर जूनियर डॉक्टर की हड़ताल का साया मंडरा रहा है। बुधवार को जहां जूनियर डॉक्टर ओपीडी में अपनी सेवाएं नहीं देंगे, वहीं अपनी मांगे न मानी जाने की स्थिति में गुरुवार से हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा सकती हैं।
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर नारायण हरि शर्मा का कहना है कि आज बुधवार को जूनियर डाक्टर केवल आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं में ही अपनी ड्यूटी करेंगे। यदि शासन ने उनकी 5 सूत्रीय प्रमुख मांगे नही मानी तो जूनियर डॉक्टर हड़ताल करने मजबूर होंगे।
यह है पांच सूत्रीय प्रमुख मांगे-
मासिक स्टाइपेंड एक लाख रुपए महीना किया जाये
चिकित्सा शिक्षा की फीस कम की जाए
जुड़ा का 5 साल का स्वास्थ्य बीमा किया जाए
सीनियर रेजिडेंट्स की सीटे बढ़ाई जाए
रूरल सर्विस बॉन्ड को खत्म किया जाए
गौरतलब है कि यदि गुरुवार से जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर जाते हैं तो ऐसी स्थिति में ग्वालियर जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बिगड़ सकती हैं क्योंकि जूनियर डॉक्टर की हड़ताल के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा क्षेत्र प्रभावित होगा। जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को भुगतना होगा।









