नई दिल्ली. झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दल के नए नेता चंपई सोरेन पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के करीबी माने जाते हैं. सरायकेला से विधायक चंपई ने 90 के दशक में अलग झारखंड राज्य के लिए आंदोलन से राजनीति में कदम रखा था.
चंपई कोल्हान में टाइगर के नाम से प्रसिद्ध हैं. वह झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष हैं. इससे पहले वह पार्टी में महासचिव भी रह चुके हैं.
- मैट्रिक पास चंपई सोरेन (69) ने पहली बार 1991 में सरायकेला सीट से उपचुनाव में बतौर निर्दलीय जीते हासिल की थी. इस चुनाव में उन्होंने सिंहभूम के तत्कालीन सांसद कृष्णा मार्डी की पत्नी को हराया था.
- 1991 से 2019 तक एक बार को छोड़कर सरायकेला से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं. चंपई ने सरायकेला से अब तक छह बार जीत हासिल की है.
- तीन बार बने मंत्री… चंपई पहली बार वर्ष 2010 में भाजपा-झामुमो गठबंधन वाली अर्जुन मुंडा की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे.
- 2013 में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन में भी मंत्री रहे. 2019 में झामुमो- कांग्रेस गठबंधन की हेमंत सोरेन की सरकार में 28 जनवरी 2020 को चंपई को फिर मंत्री बनाया गया.









