भोपाल। मध्यप्रदेश में विधान सभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की कांग्रेस की दूसरी सूची जारी होने के बाद विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। प्रदेश के कई विधानसभा क्षेत्रों में टिकट की उम्मीद लगाए बैठे नेता सीधे बगावत पर उतर आए हैं। नेताओं के बगावती तेवर से पार्टी को आगामी चुनाव में नुकसान हो सकता है।इसी कड़ी में महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष कविता पांडे ने सोशल मीडिया पर नाराजगी वाली पोस्ट किया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से मुक्त होने की बात कही है। उनके अलावा प्रदेश के जावरा, बुरहानपुर, रीवा, सेमरिया विधानसभा क्षेत्र में भी विरोध के स्वर उठे है। इन क्षेत्रों में भी नेताओं के बगावत से चुनाव में कांग्रेस को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। टिकट कटने से नाराज नेताओं के सीधे बगावती तेवर से पार्टी को अपनों से ही चुनौती मिलने वाली है। पार्टी को डैमेज कंट्रोल करने में बहुत वक्त लग सकता है।
कई विधानसभा में रोचक मुकाबला
विधानसभा चुनाव में प्रदेश के कई विधान सभा सीटों पर रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा। इसी क्रम में सागर विधान सभा में बहू-जेठ में मुकाबला है। यहां कांग्रेस से निधि सुनील जैन को टिकट मिला है वहीं बीजेपी ने शैलेंद्र जैन को उम्मीदवार बनाया है। दोनों रिश्ते में जेठ और बहू है। कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में दो उम्मीदवार ऐसे है जिन्होंने कांग्रेस ज्वाइन नहीं की है लेकिन उन्होंने टिकट मिल गया है। इनमें पहला सेमरिया से अभय मिश्रा और दूसरा नाम अमित राय है। मध्य प्रदेश की 2 ऐसी सीट हैं जहां रिश्तेदार आमने-सामने होंगे। पहली लिस्ट पहला नाम देवतालाब, दूसरा नाम सागर विधानसभा और तीसरी सीट इटारसी से दो भाई आपने-सामने हो सकते है।









