मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव की तारीख है नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे सियासी पारा चढ़ता जा रहा है भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची कल जारी कर दी, जो सूची जारी की गई उसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय जैसे बड़े नाम को शामिल किया गया है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को विधानसभा चुनाव लड़वाने का बीजेपी का मकसद साफ है कि बीजेपी मध्य प्रदेश में फिर से एक बार सरकार और सत्ता पाना चाहती है.भारतीय जनता पार्टी ने जब से राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर की विधानसभा क्रमांक 1 से अपना प्रत्याशी घोषित किया है, तब से कांग्रेस के खेमे में खलबली मची हुई है. दरअसल कांग्रेस अभी तक विधानसभा क्रमांक एक की सीट को सुरक्षित मान कर चल रही थी और यह माना जा रहा था कि इस बार भी संजय शुक्ला को ही यहां से टिकट मिलेगा. 2018 में संजय शुक्ला ने यहां से चुनाव लड़ा और बीजेपी के सुदर्शन गुप्ता को हराया था. कैलाश विजयवर्गीय के प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद अब विधायक संजय शुक्ला का बड़ा बयान सामने आया है.
इसलिए बड़े नेताओं को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया जा रहा है, लेकिन इन सब के बीच कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है, इस मामले में इंदौर के विधानसभा एक से विधायक संजय शुक्ला ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कैलाश विजयवर्गीय ने खुद मैदान में उतरकर एक नहीं बल्कि दो बेटों की कुर्बानी दे दी है.
क्या कहा संजय शुक्ला ने?
दरअसल आज जब पत्रकार विधायक संजय शुक्ला से मिलने पहुंचे तो उन्होंने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि एक पिता अपने बेटे के भविष्य को बनाने की चिंता करता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी में कैलाश विजयवर्गीय ने इसके ठीक उलट काम किया है. उन्होंने अपने बेटे आकाश को दोबारा टिकट दिलवाने के बजाय खुद चुनाव लड़ना बेहतर समझा और इस तरह उन्होंने अपने एक नहीं बल्कि दो बेटों की कुर्बानी दे दी. आगे बात करते हुए संजय शुक्ला ने कहा कि दो बेटे इसलिए कह रहा हूं कि मैं भी उनके पुत्र के समान ही हूं और कैलाश विजयवर्गीय ने आज अपने दो बच्चों की कुर्बानी दे दी है.
विधानसभा में खासे एक्टिव हैं संजय शुक्ला
विधायक संजय शुक्ला की बात करें तो वे जब से विधायक बने हैं तब से अपनी विधानसभा में खासे एक्टिव हैं. धर्म के आयोजनों से लेकर विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में संजय शुक्ला ने खूब काम किया. क्षेत्र की जनता को धार्मिक यात्राएं भी कारए, इसके अलावा संजय शुक्ला ने कोरोना काल में भी पीड़ितों की खूब मदद की.
विधानसभा एक में पानी की भी काफी समस्या थी, उनके करीबी बताते हैं कि संजय शुक्ला ने अपनी विधानसभा में खुद के खर्चे से कई बोरिंग भी करवाई, लोगों को जलापूर्ति की व्यवस्था की. हालांकि इसके उलट कैलाश विजयवर्गी का कहना है कि विधानसभा में अभी विकास की संभावना है और वहां पर अवैध कालोनियां बहुत सारी हैं, जिनका मास्टर प्लान बनाकर विकास किया जाएगा









