जिस नेहरू स्टेडियम ने कई अंतरर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बीते 60 सालों में दिए, उसे नगर निगम ने उसके हाल पर छोड़ रखा। उसका रंग-रोगन भी तभी होता है, जब चुनाव आते है। कई महीनों तक वोटिंग मशीनें हाॅल मेें पड़ी रहती है और खेल गतिविधियां प्रभावित होती है। गौरव दिवस पर मुख्यमंत्री ने स्टेडियम को अंतरर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने की घोषणा तो कर दी,लेकिन उसे नई उम्र देने के लिए ईमानदार कोशिशें होना चाहिए। पहले भी इस तरह की घोषणा हो चुकी है।
नेहरू स्टेडियम का निर्माण 1963 में हुआ था। इस स्टेडियम का खेल प्रेमियों से भावनात्मक रिश्ता है।यहां 15 से ज्यादा खेल संगठनों के कार्यालय है। निगम उनसे किराया भी वसूलता है,लेकिन स्टेडियम के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता है। न मैदान को खेलने लायक बनाया जाता है और बिल्डिंग का रखरखाव होता है। जबकि पहले पहले दस से ज्यादा कमरों में पहले खिलाड़ी रुकते थे।
महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर औरर सौरव गांगुली भी क्रिकेट कैम्प के लिए इंदौर आए थे तो इस स्टेडियम में एक सप्ताह से ज्यादा रुके थे। अब तो इन कमरों में ज्यादातर समय आरएफ और आरएएफ बल के जवान डेरा डाले रहते है। दो कक्ष एनसीसी को दिए गए है,जबकि उसका खेल से कोई लेना देना नहीं है।
कोर्ट के आदेश का पालन भी ठीक से नहीं
मध्य प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ओम सोनी का कहना है कि देश में इंदौर का स्टेडियम ही है जिसका उपयोग मतगणना के लिए होता है। दूसरे शहरों में कही भी स्टेडियम का उपयोग दूसरे कामों के लिए नहीं होता है।
इसे लेकर खेल संगठनों ने याचिका भी लगाई थी। तब हाईकोर्ट ने कहा था कि दूसरी व्यवस्था होने तक स्टेडियम का उपयोग मतगणना के लिए किया जा सकता है और उसके तत्काल बाद स्टेडियम खाली किया जाना चाहिए, लेकिन चुनावी याचिका के चलते कई सालों तक ईवीएम स्टेडियम में रखी रहती है। मतगणना की दूसरी जगह व्यवस्था भी नहीं की जाती है। अभी गौरव दिवस का कार्यक्रम हुआ और उसके लिए मैैदान में ही चूरी डाल दी गई। इससे खिलाडि़यों को परेशानी हो रही है।
सचिन के दस हजार रन स्टेडियम में हुए थे पूरे
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की मैनेेजिंग कमेटी के सदस्य राजू चौहान बताते है कि नेहरू स्टेडियम शहर की विरासत है। यहां खेल गतिविधियां बढ़ाने के लिए बेहतर माहौल देना चाहिए। स्टेडियम मेें अंतरर्राष्ट्रीय स्तर के कई मैच हुए। सचिन तेंदुलकर के दस हजार रन इस स्टेडियम में पूरे हुए थे। इस स्टेडियम मेें वर्ल्ड कप का मैच भी हो चुका है। 1983 से 2001 तक 9 क्रिेकेट मैच यहां खेले गए। इस स्टेेडियम की लोकेशन भी काफी अच्छी है, पार्किंग की व्यवस्था भी है।









