केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को देश के हिंदू मंदिरों को लेकर बयान दिया है. उनका कहना है कि हिंदू मंदिरों में स्वच्छता नहीं होती है. एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे महसूस होता है कि हमारा देश ऐसा है जहां विशेष रूप से हिंदू समाज के जो मंदिर हैं वहां स्वच्छता नहीं होती. वहां धर्मशालाएं अच्छी नहीं होती. मैं विदेशों में गया तो वहां के गुरुद्वारे, मस्जिद, गिरजाघरों का वातावरण देख मुझे लगता था कि हमारे श्रद्धा के स्थान अच्छे होने चाहिए. मुझे जब मौका मिला तो मैंने महाराष्ट्र में 12,000 करोड़ के पालकी मार्ग का निर्माण कराया.’
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गडकरी ने कहा कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से निकलने वाला कैलाश मानसरोवर का रास्ता 80 से 85 फीसदी बना लिया गया है. इससे पहले हमें नेपाल (Nepal) के रास्ते जाने पड़ता था और इस दौरान माइनस में तापमान रहता था. इससे काफी परेशानी होती थी.
इससे पहले पीटीआई-भाषा के मुताबिक गडकरी ने मंगलवार को कहा कि परियोजनाओं में होने वाली देरी को कम करने और निर्माण लागत में कमी के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सटीक बनाए जाने की जरूरत है. आधिकारिक बयान के अनुसार गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की और राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास के विभिन्न पहलुओं की चर्चा की.
आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘बैठक में कार्य दक्षता बढ़ाने, बाधाओं के समाधान और नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी अपनाने पर चर्चा की गयी.’ गडकरी ने दक्षता बढ़ाने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ‘आवागमन में सुगमता’ प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए दो मोबाइल ऐप भी पेश किये।









