राजस्थान में इस साल होने वाले असेंबली चुनाव के लिए दलों में शह-मात का खेल शुरू हो गया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अजमेर में जनसभा कर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. उनके जाने के बाद सीएम अशोक गहलोत ने भी तुरुप का इक्का चल दिया. उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के सभी लोगों को 100 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी. उन्हें केवल 100 यूनिट के बाद आने वाली यूनिटों का ही बिल देना होगा. शुरुआत की 100 यूनिटों का बिजली बिल पूरी तरह माफ रहेगा.
200 यूनिट बिजली यूज करने वालों को राहत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोगों को लुभाते हुए कहा कि जो लोग 200 यूनिट प्रतिमाह बिजली का उपभोग कर रहे हैं, उन्हें शुरुआती 100 यूनिट बिजली तो फ्री मिलेगी ही. इसके साथ ही उन्हें 200 यूनिट पर लगने वाले फिक्स्ड चार्ज, फ्यूल सरचार्ज और अन्य शुल्क भी माफ किए जाएंगे. चुनावी साल में सीएम गहलोत की यह घोषणा बड़ा फैसला माना जा रहा है.
लोगों की फीडबैक पर लिया फैसला: सीएम गहलोत
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि जनता से हासिल हुए फीडबैक और महंगाई राहत शिविरों के अवलोकन में पता चला है कि बिजली बिलों में मिलने वाली स्लैबवार रियायतों में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है. फ्यूल सरचार्ज को लेकर भी लोगों ने अपनी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उस पर भी बड़ा फैसला किया गया.
सरकार की ओर से लोगों को मिल रही थी सब्सिडी
बताते चलें कि अभी तक 100 यूनिट बिजली का इस्तेमाल कर रहे लोगों को फ्री मिल रही थी. हालांकि इससे ज्यादा इस्तेमाल करने पर उन्हें बिल देना पड़ रहा था लेकिन उसमें भी सरकार की ओर से प्रति यूनिट सब्सिडी दी जा रही थी, जो अधिकतम 750 रुपये थी. इसके बावजूद बाकी चार्जों को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे अब सीएम गहलोत ने दूर कर दिया है.
बीजेपी-कांग्रेस में है जबरदस्त टक्कर
सीएम गहलोत की इस घोषणा को राजस्थान में कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. राज्य का चुनावी इतिहास हर 5 साल में सत्ता बदल देने का रहा है. मुख्यमंत्री गहलोत इस रवायत को बदलने के लिए जमकर दम लगाए हुए हैं. वहीं पिछले 5 साल से चुनावी तैयारी में जुटी बीजेपी ने पीएम नरेंद्र मोदी की अजमेर में हुई जनसभा के जरिए अपना चुनावी उद्घोष कर दिया है.









