इंदौर: जनसुनवाई में एक कोचिंग क्लास में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले कुछ बच्चे कलेक्टर से मिले। उन्होंने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि हम पांच-छ: बच्चों ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए लगभग साढ़े 4 से पांच लाख रूपए फीस जमा की। कुछ महीने की पढ़ाई हुई थी कि संचालक के द्वारा कोचिंग क्लास बंद कर दी। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने तुरंत की कोचिंग क्लास संचालक को फोन लगाया और निर्देश दिए कि इन बच्चों की फीस वापस कर दी जाए। फीस वापस नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह एक मेधावी छात्रा की फीस जमा करने के लिए रेडक्रास से 20 हजार रूपए की आर्थिक मदद स्वीकृत की गई।
दिव्यांग परिवार को मकान दिलवाया
इसके साथ ही कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने एक दिव्यांग परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किया। जनसुनवाई में कुम्हारखाड़ी निवासी दिव्यांग नितेश मेहरा अपनी समस्या लेकर कलेक्टर के समक्ष आए। इन्होंने बताया कि मैं दिव्यांग हूं और चलने फिरने में असमर्थ हूं। रोजगार का कोई स्थाई जरिया भी नहीं है। मैं तथा मेरी पत्नि छोटा-मोटा कार्य कर परिवार का गुजर-बसर कर रहे है। मैं किराए के मकान में परिवार सहित रहता हूं। किराया भरने में दिक्कत आती है। मकान मालिक भी परेशान करते रहते है। दिव्यांग होने के कारण बार-बार मकान बदलना संभव नहीं हो पाता है। अगर मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान मिल जायेगा, तो मेरा स्थाई ठिकाना हो जाएगा और मैं इस मकान की किश्त भरता रहूंगा। कलेक्टर ने इनकी बात को गंभीरता से सुनकर नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये कि कनाड़िया स्थित प्रधानमंत्री आवास संकुल में इन्हें फ्लेट आवंटित किया जाए। शुरुवाती राशि और अन्य औपचारिकताओं के लिए रेडक्रास से 60 हजार रुपए की मंजूरी भी दी गई। ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण कर इन्हें शीघ्र आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी सहित अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर, अजयदेव शर्मा तथा सपना लोवंशी सहित अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं को सुनकर उनका सहानुभूतिपूर्वक सकारात्मक निराकरण किया।









