इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टेस्ट मैच के दौरान मैच रैफरी ने स्टेडियम की पिच को खराब बताते हुए तीन डिमेरिट अंक दिए थे, लेकिन मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा दिए गए तर्कों के बाद आईसीसी ने दो डीमेरिट अंक घटा दिए। आईसीसी के इस फैसले से इंदौर से अंतरराष्ट्रीय मैच के प्रतिबंध का खतरा टल गया। नियमानुसार एक वर्ष में यदि किसी भी स्टेडियम के पिच को पांच डिमेरिट अंक मिलते है तो फिर इंदौर में सालभर के लिए मैच नहीं होते है। इस तरह का प्रतिबंध इंदौर १५ साल पहले भी झेल चुका है।
तीसरे दिन पिच पर ८० रनों की साझेदारी
मैच रैफरी द्वारा होलकर स्टेडियम के पिच को खराब बताए जाने के बाद मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने अलग-अलग बिन्दूओं बनाए थे और बीसीसीआई को भेजे थे। बीसीआई ने आईसीसी के सामने एमपीसीए के तर्कों को रखा। सबसे महत्वपूर्र्ण तर्क यह रखा गया कि पिच पर मैच के तीसरे दिन आस्ट्रेलिया की टीम ने ज्यादा रन बनाए और ८० रनों की साझेदारी भी की। यदि पिच खराब होता तो फिर तीसरे दिन भी परेशानी आती।
नागपुर और दिल्ली मेें भी तीन दिन में खत्म हो गया था मैच
आईसीसी के मैच रैफरी हर मैच के बाद पिच और स्टेडियम की रैटिंग देते है। इंदौर से पहले नागपुर और दिल्ली के टेस्ट मैच भी तीन दिन में खत्म हो गए थे। दोनो के पिचों की रैटिंग एवरेज दी गई थी, लेकिन इंदौर के पिच को खराब बताया गया था। बीसीआई ने जो अपील की, उसमे कहा गया कि पिच में असामान्य उछाल मौसम और नमी की वजह से भी हो सकता है। इसका यह मतलब नहीं कि पिच खराब है। यह भी तर्क रखा गया कि पिच स्पीनरों के लिए मददगार था। जबाव में कहा गया कि मैच में तेंज गेंदबाजों को भी विकेट मिले।









