शहर की एक और पहाड़ी को टूरिस्ट डेस्टिनेशन का आकार दिया जा रहा है। 100 एकड़ जमीन पर सिटी फारेस्ट, म्यूजिकल फव्वारे, आर्टिस्ट अड्डा, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र सहित अन्य गतिविधियां शुरू की जाएगी। इसका भूमिपूजन सांसद शंकर लालवानी ने किया। दो साल पहले देवगुराडिया पहाड़ को सिटी फारेस्ट के रुप में विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया था। पहले चरण में 58 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। भारत सरकार की नगर वन योजना के तहत इसे तैयार किया जाएगा। पहाड़ी पर चढ़ने के लिए सड़क, वाहनों की पार्किंग, ट्रेक, बच्चों के झूले, सेल्फी पाइंट भी बनाए जाएंगे। भूमिपूजन समारोह में मधु वर्मा, रीना मालवीय, रवि रावलिया सहित अन्य नेता मौजूद थे।
पहाड़ी के नीचे है प्राचीन मंदिर
देवगुराडिया पहाड़ी के नीचे प्राचीन शिव मंदिर है। जिसका जीर्णोद्धार देवी अहिल्या ने कराया था। यहां काफी लोग दर्शन के लिए आते है। शिवरात्रि के समय यहां मेला भी लगता है। देवगुराडिया के समीप नर्मदा शिप्रा संगम है। जिसे 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कराया गया था। यहां एक बार प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक भी हो चुकी है।
रालामंडल पहाड़ी ले चुकी है अभ्यारण का रुप
रालमंडल पहाड़ी को वन विभाग अभ्यारण के रुप में विकसित कर चुका है। यहां हिरण, चितल भी छोड़े गए है। सैकड़ों लोग यहां आते है। वन विभाग ने पहाड़ी पर जाने के लिए वाहन सुविधा भी शुरू की है। देवगुराडिया पहाड़ी भी सिटी फारेस्ट के रुप में विकसित होने के बाद आसपास तीन पर्यटन स्थल हो जाएंगे। वन विभाग उमरीखेड़ा में भी एक टूरिस्ट स्पॅाट तैयार कर रहा है।









