इंदौर। भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों के साथ जीतू पटवारी ने तिरंगा पदयात्रा निकाल कर इस मामले को अब राजनीतिक रूप दे दिया है. सैंकड़ों किसानों के साथ जमीन अधिग्रहण का विरोध करते हुए कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा कि, “नरेन्द्र मोदी सरकार आमदनी दोगुनी करने की बात कही थी, लेकिन महंगाई दोगुनी हो गई. किसानों के खर्च बढ़ गए, फसल का दाम नहीं मिल रहा. सरकार जमीन अधिग्रहण को लेकर रोज नए नियम बनाकर जमीन का धंधा कर रही है. इकोनामिक कॉरिडोर बनाने के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन इन्हें मुआवजे के नाम पर कम पैसे दिए जा रहे हैं.”
जीतू पटवारी की किसान पदयात्रा: इकोनामिक कॉरिडोर के नाम पर इंदौर के सैकड़ों किसानों की जमीन के अधिग्रहण को लेकर पिछले दिनों एक नोटिफिकेशन जारी हुआ था. इस नोटिफिकेशन के बाद से आसपास के जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित होने वाली है ने किसान जीतू पटवारी के साथ सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए. पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने किसान पदयात्रा के जरिए प्रदेश सरकार का खुलेआम विरोध किया. साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि, “भूमि अधिग्रहण को लेकर जो भी कानून बने हैं, उसी के तहत किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाए ना कि बलपूर्वक.”
मंडी में प्रदर्शन की चेतावनी: जीतू पटवारी ने कहा कि किसानों की जमीन अगर सरकार बलपूर्वक अधिग्रहित करेगी तो जमकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. किसानों के साथ अत्याचार नहीं होने देंने की भी बात कहते हुए पटवारी ने कहा “चाहे खून भी बह जाए लेकिन मैं किसानों के लिए प्रदेश सरकार से लड़ता रहूंगा. इस लड़ाई में मेरे साथ सैकड़ों किसान हिस्सा लेंगे. आगामी 18, 19 और 20 तारीख को मंडी में भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे. इस दौरान पूरे संभाग के किसान एकत्रित होंगे.” इसके अलावा धार के कारम डैम से हो रहे पानी के रिसाव को लेकर जीतू पटवारी ने सरकार पर भ्रष्टाचार का बांध बनाने का आरोप लगाया है.









