इंदौर। छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र के पुलिस कंट्रोल रूम पर भोपाल में पदस्थ थाना प्रभारी हाकम सिंह पवार द्वारा गोली मारकर सुसाइड के मामले में पुलिस उनके मोबाइल फोन के आधार पर जांच में लगी है. वहीं, थाना प्रभारी के गोद लिए लड़के ने पुलिस के आला अधिकारियों को पत्र लिखकर महिला एएसआई सहित एक अन्य व्यक्ति पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं. इस मामले को हनीट्रैप मामले से जोड़कर देखा जा रहा है. टीआई की पहली पत्नी ने भी पुलिस के आला अफसरों को बताया है कि महिला एएसआई ने टीआई से 50 लाख रुपए वसूले हैं.
मोबाइल फोन के डेटा की जांच अहम : पुलिस कमिश्नर इंदौर हरिनारायणचारि मिश्रा ने कहा कि टीआई के मोबाइल डेटा के आधार पर जांच चल रही है. इसी से ये साफ होगा कि क्या उनको किसी ने धमकी दी थी या कोई ऐसे तथ्य थे, जो उन्हें मानसिक रूप से तनावग्रस्त किये हुए थे. उन्होंने कहा कि अब पूरा डेटा फारेंसिक टीम को भेजा गया है. फारेंसिक टीम की जांच के बाद पुलिस की जांच की दिशा तय होगी. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि प्रॉपर्टी सबंधित मामला जांच का दूसरा हिस्सा है. इसमें ये तय होगा कि किसकी कितनी आय थी. जहां तक खुदकुशी मामले की बात है, उसमें यह निर्भर करता है कि कौन सी परिस्थितियां थीं, जिसने मामले को यहां तक पहुंचाया.
गोद लिए लड़के व पहली पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप : थाना प्रभारी की पहली पत्नी लीलावती उर्फ वंदना और भाई रामगोपाल के बेटे मुकेश ने थाना प्रभारी को हनी ट्रैप मामले में फंसाकर 50 लाख रुपए वसूलने के आरोप लगाये हैं. उसने छोटी ग्वालटोली थाना प्रभारी को पत्र लिखकर कहा है कि महिला एएसआई 4 साल से धमका रही थी. जब भी वह घर आते थे तो एएसआई का फोन आ जाता था. जब पिछले दिनों थाना प्रभारी अपने पैतृक गांव तराना गए थे, उस समय मुकेश को यह बताया था कि एएसआई और उसका भाई उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं. इन दोनों के कारण उनका जीना मुश्किल हो गया है. पहली पत्नी लीलावती ने भी पत्र लिखकर एएसआई का नाम लिया है. लीलावती ने भी एएसआई पर 50 लाख लेने के गंभीर आरोप लगाये हैं. लीलावती ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी कि अभी कुछ ही दिन पूर्व उन्होंने 5 लाख रुपये परिवार से इकठ्ठा कर एएसआई को दिए थे.









