राज्यसभा:यूपी में भाजपा उम्मीदवारों के नाम तय, आज सूची के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष के नाम का भी हो सकता है ऐलान

लखनऊ: उच्च सदन यानी राज्यसभा के लिए यूपी के 11 सीटों पर हो रहे चुनाव में उम्मीदवारी को लेकर सभी दावेदारों की नजर लगी हुई है. सब जानना चाहते हैं कि आखिर किसके भाग्य का पिटारा खुल रहा है. राज्यसभा की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव में सत्ताधारी भाजपा को सात तो सूबे की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी को तीन सीटें मिलना तय है. वर्तमान में सूबे में भाजपा गठबंधन के पास 273 और सपा के पास 125 विधायक हैं. इसके अलावा जनसत्ता दल और कांग्रेस के पास 2-2 और बसपा के पास एक विधायक है. वहीं, पार्टी सूत्रों की मानें तो राज्यसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश भाजपा नेतृत्व की ओर से आज उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है. भाजपा कुछ मौजूदा राज्यसभा सदस्यों को दोबारा भेज सकती है तो वहीं, कुछ नए नामों को भी जगह मिलने की उम्मीद है.

बता दें कि राज्यसभा में यूपी के 31 सदस्यों में से 11 सदस्यों का कार्यकाल 4 जुलाई को समाप्त हो रहा है. राज्यसभा की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव में 31 मई तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे. विधानसभा में भाजपा गठबंधन के 273 सदस्यों के बूते पार्टी को 7 से 8 सीटों पर जीत मिल सकती है तो वहीं, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व योगी कैबिनेट में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 8 सीटों के लिए 15 से अधिक दावेदारों की सूची राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजा है.

ये हैं प्रमुख दावेदार: सूत्रों के मुताबिक पैनल में मौजूदा राज्यसभा सदस्य सैयद जफर इस्लाम, शिवप्रताप शुक्ला, संजय सेठ और सुरेंद्र नागर का नाम भेजा गया है. वहीं, दलित वर्ग से भाजपा प्रवक्ता जुगल किशोर, प्रदेश महामंत्री प्रियंका रावत, वैश्य वर्ग से पूर्व विधायक राधा मोहनदास अग्रवाल और पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल, ब्राह्मण वर्ग से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी और पिछड़े वर्ग से बाबूराम निषाद, पूर्व सांसद पूर्णिमा वर्मा व कांग्रेस से भाजपा में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह प्रमुख दावेदार हैं.

आज हो सकती है नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा: सूत्रों की मानें आज यूपी भाजपा की ओर से नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की भी घोषणा की जा सकती है. साथ ही बताया गया कि भाजपा किसी ब्राह्मण या पिछड़े वर्ग पर दांव खेल सकती है. भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 29 मई को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होनी है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक कार्यसमिति में संगठन की आगामी कार्ययोजना पर मंथन किया जाएगा. ऐसे में पार्टी नेतृत्व कार्यसमिति से पहले नए अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है.

पिछड़े वर्ग से पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान और केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा का नाम प्रमुख है. वहीं, ब्राह्मण समाज से सांसद सुब्रत पाठक, सतीश गौतम, महेश शर्मा और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के नाम की चर्चा है.

  • सम्बंधित खबरे

    40 मिनट में पूरा होगा 2 घंटे का सफर, NCR वालों को PM मोदी की सौगात, UER-II और द्वारका एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी दो खास परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। इससे दिल्ली और हरियाणा के अलावा नोएडा वालों को…

    ‘मतदाता अधिकार यात्रा’:बिहार से राहुल गांधी का हुंकार, भाजपा पर साधा निशाना, बोले- चुनाव चुराए जा रहे हैं

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को बिहार के सासाराम से अपनी ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ शुरू की। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर देश…

    व्यापार

    घी, साबुन और स्नैक्स होंगे सस्ते? 12% GST स्लैब हटाने की तैयारी में मोदी सरकार

    घी, साबुन और स्नैक्स होंगे सस्ते? 12% GST स्लैब हटाने की तैयारी में मोदी सरकार

    शेयर बाजार की सपाट शुरुआत; हरे निशान पर सेंसेक्स, निफ्टी भी उछला

    शेयर बाजार की सपाट शुरुआत; हरे निशान पर सेंसेक्स, निफ्टी भी उछला

    ट्रेन टिकट से लेकर एलपीजी गैस की कीमतों तक..; आज से लागू हो रहे ये बदलाव, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

    ट्रेन टिकट से लेकर एलपीजी गैस की कीमतों तक..; आज से लागू हो रहे ये बदलाव, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

    Google Pay और Paytm में आने वाला है बड़ा बदलाव, अब कुछ नंबरों पर UPI पेमेंट नहीं होगा, नया सिस्टम एक्टिव

    Google Pay और Paytm में आने वाला है बड़ा बदलाव, अब कुछ नंबरों पर UPI पेमेंट नहीं होगा, नया सिस्टम एक्टिव

    सेब के बाद अब ‘तुर्की’ से नहीं आएगा मार्बल, व्यापारियों ने पाकिस्तान को सपोर्ट करने वाले पर लिया एक्शन

    सेब के बाद अब ‘तुर्की’ से नहीं आएगा मार्बल, व्यापारियों ने पाकिस्तान को सपोर्ट करने वाले पर लिया एक्शन

    भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट्स में 6% की गिरावट, एपल को हुआ सबसे ज्यादा फायदा

    भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट्स में 6% की गिरावट, एपल को हुआ सबसे ज्यादा फायदा
    Translate »
    error: Content is protected !!