बिहार विधान परिषद चुनाव :कांग्रेस-आरजेडी के बीच अब नहीं होगा गठबंधन

पटना: आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बयान से साफ हो चुका है कि बिहार विधान परिषद चुनाव में अब आरजेडी और कांग्रेस में गठबंधन नहीं होगा. हालांकि विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एक भी सीट नहीं देने के मूड में रहने के बावजूद आरजेडी आलाकमान बिहार एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को पांच सीटें देने को तैयार हो गई थी. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह के कहने पर आरजेडी पांच सीटें देने को तैयार हो गई थी लेकिन प्रदेश कांग्रेस की 10 सीटों की जिद ने खेल खराब कर दिया.

कांग्रेस-आरजेडी के बीच अब नहीं होगा गठबंधनदरअसल, 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव और 2021 में हुए बिहार विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को देखते हुए आरजेडी आलाकमान बिहार विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन के मूड में नहीं था. एक भी सीट देने को तैयार नहीं था लेकिन कांग्रेस हर हाल में आरजेडी से गठबंधन कर विधान परिषद चुनाव लड़ना चाहती थी, क्योंकि कांग्रेस को पता था कि अकेले लड़कर सफलता नहीं मिलेगी. बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास की ओर से विधान परिषद चुनाव में आरजेडी से गठबंधन और सीट बंटवारे पर बातचीत की जिम्मेदारी बिहार से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह को दी गई थी.अखिलेश सिंह को आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव का बेहद करीबी माना जाता है. आरजेडी से ही वे पहली बार विधायक बनकर बिहार सरकार में मंत्री बने थे. उसके बाद आरजेडी से पहली बार लोकसभा का चुनाव जीते और सीधे केंद्र सरकार में मंत्री बन गए थे. लालू ने हमेशा उनकी मदद की. 2009 में लोकसभा चुनाव में हारने के बाद वह आरजेडी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे. कांग्रेस में आने के बाद भी आरजेडी और कांग्रेस के बीच बेहतर तालमेल के लिए वह काम करते रहे हैं. इसी कारण विधान परिषद चुनाव में आरजेडी से सीट बंटवारे पर बातचीत की जिम्मेदारी अखिलेश को दी गयी थी.

अखिलेश सिंह आरजेडी आलाकमान से लगातार संपर्क में थे और मीटिंग भी की. जिसके बाद कांग्रेस को विधान परिषद चुनाव में 5 सीट देने को आरजेडी तैयार हो गई थी लेकिन शुरू से ही बिहार कांग्रेस के अन्य नेताओं के द्वारा आरजेडी से विधान परिषद चुनाव के लिये कम से कम 10 सीट देने की मांग की जा रही थी. इसके लिए आरजेडी आलाकमान तैयार नहीं हुआ, क्योंकि उनको को पता है कि कांग्रेस के पास न तो मजबूत उम्मीदवार है और न ही प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति मजबूत है. इसलिए अखिलेश सिंह की मेहनत पर पानी फिर गया और अंत में तेजस्वी यादव ने ऐलान कर दिया कि आरजेडी अकेले ही विधान परिषद का चुनाव लड़ेगी.

  • सम्बंधित खबरे

    ‘मतदाता अधिकार यात्रा’:बिहार से राहुल गांधी का हुंकार, भाजपा पर साधा निशाना, बोले- चुनाव चुराए जा रहे हैं

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को बिहार के सासाराम से अपनी ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ शुरू की। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर देश…

    आज 20 साल बाद एक ही मंच पर दिखेंगे ठाकरे बंधु, मराठी को लेकर राज और उद्धव की रैली, जानें- क्या है रैली की तैयारी?

    महाराष्ट्र की राजनीति में दो दशक पहले अलग हुए ठाकरे बंधु, राज और उद्धव ठाकरे, आज शनिवार को एक मंच पर एकत्रित होंगे. वे राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक स्कूलों में…

    व्यापार

    घी, साबुन और स्नैक्स होंगे सस्ते? 12% GST स्लैब हटाने की तैयारी में मोदी सरकार

    घी, साबुन और स्नैक्स होंगे सस्ते? 12% GST स्लैब हटाने की तैयारी में मोदी सरकार

    शेयर बाजार की सपाट शुरुआत; हरे निशान पर सेंसेक्स, निफ्टी भी उछला

    शेयर बाजार की सपाट शुरुआत; हरे निशान पर सेंसेक्स, निफ्टी भी उछला

    ट्रेन टिकट से लेकर एलपीजी गैस की कीमतों तक..; आज से लागू हो रहे ये बदलाव, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

    ट्रेन टिकट से लेकर एलपीजी गैस की कीमतों तक..; आज से लागू हो रहे ये बदलाव, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

    Google Pay और Paytm में आने वाला है बड़ा बदलाव, अब कुछ नंबरों पर UPI पेमेंट नहीं होगा, नया सिस्टम एक्टिव

    Google Pay और Paytm में आने वाला है बड़ा बदलाव, अब कुछ नंबरों पर UPI पेमेंट नहीं होगा, नया सिस्टम एक्टिव

    सेब के बाद अब ‘तुर्की’ से नहीं आएगा मार्बल, व्यापारियों ने पाकिस्तान को सपोर्ट करने वाले पर लिया एक्शन

    सेब के बाद अब ‘तुर्की’ से नहीं आएगा मार्बल, व्यापारियों ने पाकिस्तान को सपोर्ट करने वाले पर लिया एक्शन

    भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट्स में 6% की गिरावट, एपल को हुआ सबसे ज्यादा फायदा

    भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट्स में 6% की गिरावट, एपल को हुआ सबसे ज्यादा फायदा
    Translate »
    error: Content is protected !!