इंदौर। देश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद संक्रमण के लिहाज से इंदौर एक बार फिर कोरोना केपिटल बन चुका है. ओमीक्रोन के संक्रमण के साथ ही प्रदेश में कोरोना के फिलहाल जितने भी मामले सामने आ रहे हैं, उनमें तीन चौथाई मामले सिर्फ इंदौर के हैं. प्रतिदिन यहां संक्रमण का आंकड़ा 500 से ज्यादा हो चुका है, जबकि एक्टिव मरीजों की संख्या यहां तेरह सौ के करीब पहुंच गई है. उसके बावजूद कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही है. वहीं प्रशासन ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है.
कोरोना हॉटस्पॉट इंदौर
इंदौर में कोरोना की रफ्तार कहर बरपा रही है. बुधवार को 8760 सैंपल की जांच में से 512 नए केस मिले हैं. वहीं 24 घंटे में स्वस्थ होने के बाद 62 मरीज अस्पतालों से डिस्चार्ज किए गए. शहर में एक्टिव केस अब 1270 हो गए हैं. जबकि मरने वालों का कुल आंकड़ा 1397 है. इंदौर में अब तक 31 लाख 75 हजार 541 सैंपलों की जांच की गई, इसमें 1 लाख 54 हजार 949 मरीज पॉजिटिव आए हैं. नए साल में इंदौर में कोरोना संक्रमण की दर बढ़कर 2.19 प्रतिशत हो गई है.
कल से शुरू होगा कोविड केयर सेंटर
इंदौर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीजों के समय रहते उपचार के लिए जिला प्रशासन ने फिर शहर के राधा स्वामी सत्संग परिसर में कोविड केयर सेंटर बनाया है. जिसे शुरू करने के निर्देश दिए हैं, हालांकि अभी भी सेंटर में 6 लोगों को भर्ती कराया गया है. इधर आयुष्मान योजना के तहत जिले के प्रमुख 41 अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है. जिनमें मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा. इसके अलावा इन अस्पतालों में करीब ढाई हजार बिस्तरों की भी व्यवस्था कोरोना मरीजों के लिए की गई है.
प्रोटोकॉल पर विवाद करना पड़ेगा भारी
इंदौर में नगर निगम के माध्यम से मास्क नहीं लगाने वाले लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अर्थदंड लगाने के निर्देश दिए हैं. गुरुवार को इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने स्पष्ट किया कि जुर्माना या मास्क नहीं लगाने पर यदि कोई नागरिक विरोध करता है अथवा नगर निगम की टीम से विरोध या हाथापाई करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी
सख्ती के साथ लागू होगी नई गाइडलाइन
प्रदेश में लगातार बढ़ रहे संक्रमित मरीजों की संख्या के मद्देनजर राज्य शासन ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए नई गाइडलाइन तैयार की है, जिसे इंदौर में सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है. इसके तहत शादी में अधिकतम 250 में लोग शामिल होंगे. इसी प्रकार शव यात्रा में शामिल होने की अनुमति 50 लोगों को ही मिल सकेगी. तमाम बड़े मेला एवं अन्य सार्वजनिक आयोजन विरोध-प्रदर्शनों पर रोक रहेगी. इधर स्कूलों में भी 50% उपस्थिति रखी जाएगी, जबकि नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा.
संक्रमण के बीच लापरवाही जारी
एक ओर प्रशासन संक्रमण पर ब्रेक लगाने के लिए सख्ती बरतने की बात कर रहा है. वहीं इंदौर में सरकारी एवं अर्द्ध शासकीय आयोजनों में भी कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया जा रहा है. गुरुवार को प्रेस्टीज कॉलेज में प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा आयोजित परिचर्चा में भी प्रोटोकॉल का मखौल उड़ाया गया. कार्यक्रम के दौरान हॉल में भारी भीड़ दिखी, जिसके जरिए फिर शहर में कोरोना विस्फोट होने की आशंका है. हालांकि कलेक्टर मनीष सिंह के मुताबिक, इस तरह के आयोजनों के लिए गृह विभाग द्वारा कोई पैरामीटर निर्धारित नहीं किए गए हैं.









