चंडीगढ़. शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में शिअद-बसपा गठबंधन (SAD-BSP Alliance) यदि सत्ता में आता है तो प्रदेश के दो उप मुख्यमंत्रियों में से एक मायावती की अगुवाई वाली पार्टी से होगा. बंगा में लोगों के एक समूह को संबोधित करने के बाद सुखबीर ने संवाददातओं से कहा, ‘‘मैं यह घोषणा कर चुका हूं कि एक उपमुख्यमंत्री बसपा से होगा.’’बादल ने यह घोषणा बंगा में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में की, जो दोआबा क्षेत्र में पड़ता है और इसमें बड़ी संख्या में दलित हैं जो परंपरागत रूप से बसपा के समर्थक रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि यह फैसला इस बात को ध्यान में रखते हुए लिया गया है कि कांग्रेस पहले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के उत्तराधिकारी के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी को चुनकर कुछ फायदा उठा सकती थी. जब पंजाब के पहले दलित सीएम चन्नी ने शुरुआती प्रेस मीट में अपनी “विनम्र शुरुआत” की बात की थी, तो उस वक्त शिअद ने “पीआर ड्रामा” का आरोप लगाया था.
दलित मतदाताओं को साधने की कोशिश
एक राजनीतिक पर्यवेक्षक ने कहा, “यह घोषणा करके कि डिप्टी सीएम में से एक बसपा से होगा, अकाली यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर उनका गठबंधन सत्ता में आता है, तो दलितों को एक अच्छा प्रतिनिधित्व मिलेगा.” शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने इससे पहले कहा था कि अगले वर्ष पंजाब में होने वाले विधनसभा चुनाव के बाद यदि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ उसका गठबंधन सत्ता में आता है तो एक अनुसूचित जाति और एक हिंदू विधायक को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी जायेगी.पंजाब में 2022 के शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये शिअद ने बसपा के साथ गठबंधन किया है. सीटों के समझौते के तहत प्रदेश के 117 विधानसभा सीटों में से बसपा 20 पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि शेष पर शिअद का उम्मीदवार होगा.









