आइटी के युवाओं को इंदौर में ही मिल रहे 25 लाख तक के पैकेज

इंदौर ।

कंप्यूटर साइंस (सीएस) और इंफर्मेशन टेक्नोलाजी (आइटी) ब्रांच से इंजीनियरिंग करने वालों की मांग कंपनियों में बढ़ गई है। इसका असर शहर में भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय कंपनियां भी इन विषयों के विद्यार्थियों को नौकरी देने के लिए प्लेसमेंट प्रक्रिया कर रही है। कुछ समय पहले तक जहां बाहरी कंपनियां में ही ज्यादातर विद्यार्थी नौकरी पाते थे, वहीं अब 20 से 30 फीसद युवाओं को इंदौर में ही नौकरी मिल रही है। कुल मिलाकर इंदौर आइटी हब बनता जा रहा है और कई नामी कंपनियां यहां आ चुकी है।

आइटी पार्क में भी अमेरिका सहित विभिन्न देशों की बड़ी कंपनियों का आइटी काम देखने वाली कंपनियों ने दफ्तर शुरू कर दिए हैं। टीसीएस और इंफोसिस भी युवाओं की संख्या बढ़ाने पर लगातार जोर दे रही है। फिलवक्त आइटी सेक्टर में शहर की स्थिति बेहतर हो चली है। हाल ही में इंफोसिस ने भी इंदौर के कई फ्रेशर को ई-मेल कर न्यूनतम 3.5 लाख रुपये का पैकेज आफर किया है। पांच से सात वर्ष के अनुभव वाले युवाओं को इंदौर में ही 20 से 25 लाख रुपये तक के पैकेज भी मिल रहे हैं।

ट्रेनिंग और प्लेसमेंट अधिकारी अतुल भारत के मुताबिक महामारी के बाद आइटी क्षेत्र में उछाल आया है। कई कंपनियों को आनलाइन काम करने के लिए आटोमेशन की जरूरत है। दुनियाभर की कंपनियां नए साफ्टवेयर बनवा रही है। ऐसे में दुनिया में आइटी सेक्टर में भारत का नाम काफी बेहतर है, इसके चलते यहां के युवाओं को सबसे ज्यादा काम मिल रहा है। इससे इस समय कई टेक्नोलाजी ऐसी है, जिस पर काम करने के लिए मांग के अनुसार युवा मिल नहीं पा रहे हैं।

नौकरी के एक से ज्यादा आफर

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) और मशीन लर्निंग क्षेत्र में भी तेजी से काम हो रहा है। इंजीनियरिंग के बेहतर अनेक विद्यार्थियों को कंपनियां एक से ज्यादा नौकरी के आफर भी दे रही है। शहर के टाप इंजीनियरिंग संस्थानों के 95 फीसद विद्यार्थियों को नौकरियां मिल रही है। इसमें आइआइटी, एसजीएसआइटीएस, आइईटी और कुछ प्रमुख प्राइवेट संस्थान शामिल हैं।

एसजीएसआइटीएस के निदेशक प्रो. राकेश सक्सेना के मुताबिक महामारी के बाद भी सभी नामी कंपनियां संस्थानों के विद्यार्थियों को नौकरी देने आ रही है। संक्रमण के दौर में चयन प्रक्रिया आनलाइन हो रही है। इंदौर की भी 20 से ज्यादा कंपनियों में संस्थान के विद्यार्थी काम कर रहे हैं। फ्रेशर को शुरुआती पैकेज 3.5 से आठ लाख रुपये तक आफर किए जा रहे हैं। अनुभवी युवाओं को शहर की कई कंपनियां 25 लाख रुपये वार्षिक तक का पैकेज आफर कर रही है।

इन टेक्नोलाजी में सबसे ज्यादा मांग

इस समय पाइथन, जावा, सी, सी प्लस प्लस, जावा स्क्रिप्ट, स्विफ्ट, पीएचपी, गो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, आर, वर्डप्रेस, एंड्राइड और सेल्सफोर्स जैसी लैंग्वेज पर काम करने वालों की सबसे ज्यादा मांग है। रियेक्ट जीएस, जे क्वेरी, रुबी और कई अन्य लैंग्वेज के जानकार भी कंपनियों को बमुश्कित मिल रहे हैं।

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