वाशिंगटन ।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा है कि चीन अपने परमाणु क्षमता में तेजी से विकास कर रहा है। इससे दुनिया में परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ेगी और क्षेत्रीय स्थिरता का संकट उत्पन्न होगा। अमेरिका ने कहा है कि चीन तेजी से मिसाइल क्षमता बढ़ाने में लगा है। इसी के तहत वह उत्तर-पश्चिमी शहर युमेन के पास एक रेगिस्तान में इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए 100 से अधिक नए साइलो का निर्माण कर रहा है। विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि नए साइलो के निर्माण का मतलब है कि चीन के परमाणु शस्त्रागार में अपेक्षा से अधिक तेजी से बढ़ोत्तरी हो सकती है। प्राइस ने कहा कि साइलो का निर्माण चिंता का विषय है और ये चीन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
सात महीने पूर्व रिपोर्ट में हुआ था खुलासा
सात महीने पूर्व चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स की देखरेख में परमाणु हथियारों के बढ़ाने की जानकारी एटोमिक साइंटिस्ट की सालाना रिपोर्ट में दी गई थी। ‘चाइनीज न्यूक्लियर फोर्स 2020’ शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट में लेखक हेंस क्रिसटेनसेन और मेट कोर्डा ने पूरा विवरण दिया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अपनी परमाणु हथियारों की क्षमता को बढ़ा रहा है। पिछले कुछ वर्षो में उसने हथियारों की संख्या ही नहीं उनके आधुनिकीकरण में भी तेजी दिखाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1980 में शुरू हुए चीन के परमाणु हथियार के कार्यक्रम 1990 और 2000 में तेजी से बढ़े हैं। उसने पिछले कुछ सालों मे इन हथियारों की संख्या अच्छी-खासी वृद्धि कर ली है। नई मिसाइल भी अपने इस जखीरे में शामिल की हैं। उन्नत डीएफ-41 और डीएफ-31एजी मिसाइल तो उसने 2019 में ही प्रदर्शित कर दी थीं।
अगले दशक में चीन के परमाणु हथियारों की संख्या दोगुना होने का अनुमान
अमेरिका की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी ने तो अगले दशक में चीन के परमाणु हथियारों की संख्या दोगुना होने का अनुमान लगाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने अपनी परमाणु पनडुब्बियों की ताकत को भी बढ़ाया है। एक साल में हथियारों में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। एटोमिक साइंटिस्ट की 2019 की रिपोर्ट में इन हथियारों की संख्या 290 थी, जो अब बढ़कर 350 हो गई है। यह संख्या अमेरिका की रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट से भिन्न है। अनुमान है कि चीन के पास वर्तमान में 350 परमाणु हथियार हैं। इनमें से 272 सौंप दिए गए हैं। 240 परमाणु हथियार जमीन से चलाई जाने वाली मिसाइल में लगाए गए हैं। 48 समुद्र में तैनात बैलेस्टिक मिसाइल में हैं। 20 ऐसे बम हैं, जिन्हें बमवर्षक विमानों के लिए रखा गया है। 78 ऐसे हथियार हैं, जिन्हें समुद्र और जमीन दोनों पर ही अलग-अलग स्थानों पर लगाया जा रहा है।









