भारत में जल्द आपको प्राइवेट ट्रेनें पटरी पर दौड़ती हुई नजर आएंगी। सभी प्राइवेट ट्रेनों में सुरक्षा की जिम्मेदारी आरपीएफ और जीआरपी की रहेगी। आरपीएफ के महानिदेशक अरुण कुमार ने शुक्रवार दोपहर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा है कि प्राइवेट ट्रेनों में भी सुरक्षा की जिम्मेदारी आरपीएफ और जीआरपी की ही रहेगी। तेजस एक्सप्रेस की तरह प्राइवेट ट्रेनों में निजी सुरक्षाकर्मियों की एक तीसरी लेयर भी होगी, जो यात्रियों को नजदीकी सुरक्षा मुहैया कराएगी, लेकिन किसी भी तरह का अपराध होने पर जीआरपी और आरपीएफ अपनी भूमिका निभाएंगे।
देश के सभी रेलवे परिसरों में सुरक्षा को चाक चौबंद करने के लिए आरपीएफ ने व्यापक योजनाएं बनाई हैं। अब तक 6094 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। सभी पूरी तरह से डिजिटल निगरानी के दायरे में हैं।
भारत के सभी बड़े रेलवे स्टेशनों पर एयरपोर्ट जैसी योजनाएं बना कर सुरक्षा सुनिश्चित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।आरपीएफ कर्मियों के कोरोना से प्रभावित होने के सवाल के जवाब में कुमार ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में 3298 जवान कोविड 19 से संक्रमित हुए जिनमें से 22 की मृत्यु हुई है। इस समय करीब 150 जवान अस्पताल में भर्ती हैं।









