भारत और मालदीव ने गुरुवार को सीमापार आतंकवाद समेत दहशतगर्दी के सभी स्वरूपों की पुरजोर निंदा की और सतत तरीके से इस समस्या से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। दोनों देशों ने इस बात की आवश्यकता बताई कि सभी देश तत्काल, सतत, सत्यापन योग्य कार्रवाई करें, ताकि उनके नियंत्रण वाले किसी क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरों पर आतंकवादी हमलों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाए। ऐसे हमलों को अंजाम देने वालों को तेजी से न्याय के कटघरे में लाया जाए।
दोनों देशों ने आतंकवाद निरोधक कार्रवाई, हिंसक उग्रवाद को रोकने तथा कट्टरपंथ को कम करने पर संयुक्त कार्यसमूह की पहली बैठक में यह बात कही। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप के नेतृत्व में भारतीय पक्ष ने इस बैठक में भाग लिया, जबकि मालदीव के दल का नेतृत्व विदेश सचिव अब्दुल गफूर मुहम्मद ने किया।विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत और मालदीव ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की जोरदार निंदा की, जिसमें सीमापार आतंकवाद भी शामिल है। उन्होंने सतत और व्यापक तरीके से आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।









