शहर में सफाई व्यवस्था और कीटनाशक दवा के छिड़काव की पुख्ता व्यवस्था करने का नगर निगम का झूठ सोमवार को हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में जस्टिस संजय यादव और जस्टिस विवेक अग्रवाल ने अनोखे तरीके से पकड़ा।
यह पहला मौका था, जब हाईकोर्ट ने वहां मौजूद वकीलों से ही पूछ लिया कि आप में से कितने लोगों ने शहर में फोगिंग आर कीटनाशक दवा का छिड़काव होते देखा है? वकीलों ने कहा- पूरे शहर में गंदगी पसरी है आर हमने कहीं भी फोगिंग या कीटनाशक दवा का छिड़काव होते नहीं देखा है। वकीलाें के जवाब के बाद कोर्ट ने मंगलवार को नगर निगम आयुक्त को तलब करते हुए यह बताने का आदेश दिया कि उन्होंने झूठा शपथपत्र क्यों पेश किया है?
कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में याचिकाकर्ता एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था के बारे में झूठी रिपोर्ट पेश की जा रही है। वहीं स्वाइन फ्लू के कारण मौतों के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान 11 मार्च को हाईकोर्ट ने कहा था- स्वच्छता अभियान रैंकिंग में ग्वालियर 28 से 59 पायदान पर पहुंच गया।
यदि नगर निगम अपने अधिकारियों को ठीक नही कर सकता और अधिकारी ठीक ढंग से काम नहीं कर सकते तो फिर हम उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई करेंगे। साथ ही नगर निगम को आदेश दिए- एक हफ्ते में रिपोर्ट पेश कर बताएं कि नगर निगम द्वारा ग्वालियर शहर में व्याप्त गंदगी एवं स्वाइन फ्लू को रोकने के लिए अभी तक क्या कदम उठाए? जिसके पालन में निगम आयुक्त ने उक्त शपथ पत्र पेश किया गया था।
शहर में गंदगी और बीमारियों पर जनहित याचिका की सुनवाई, ननि आयुक्त आज तलब









