मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह कितना संवेदनशील और अनुशासित है। यह वह शहर है जहां लोगों को अनुशासन में रखने के लिए पुलिस को कड़े प्रयास नहीं करने पड़ते।
जनता कर्फ्यू के दिन आज भोपाल की कॉलोनियों से लेकर एमपी नगर के बोर्ड ऑफिस चैराहे तक सारे शहर में कर्फ्यू 100 फीसदी सफल दिखाई दिया। कोरोना वायरस के खिलाफ रविवार को भोपाल ने जनता कर्फ्यू का समर्थन किया। शहर के लोगों ने खुद को क्वारैंटाइन किया। दूध, दवा की दुकानें और पेट्रोल पंप खुले हुए नजर जबकि सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। वही जिला प्रशासन ने 31 मार्च तक के लिए भोपाल को लॉकडाउन कर दिया है। केवल आवश्यक चीजों के लिए ही छूट रहेगी। वही शहर में ऐसे इलाके भी सूने नजर आए, जहां अक्सर भीड़ जमा होती है। एमपी नगर,न्यू मार्किट,पुराना शहर,चैक बाजार, बस स्टैंड के साथ ही दस नंबर मार्केट में सभी दुकानें बंद रही और इस दौरान मेडिकल स्टोर्स, पेट्रोल पंप खुले नजर आए।
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इंदौर में आयोजित होने वाले आईटी कॉन्क्लेव में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियां उपस्थिति दर्ज कराएंगी।मध्य प्रदेश सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 27 अप्रैल को इंदौर के…









