फ्लोर टेस्ट से पहले प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने हार मान ली है। कमलनाथ ने राजभवन जाकर राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है। इसका ऐलान उन्होंने आज सीएम हाउस में हुई प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान किया।
पीसी में सीएम ने कहा कि 11 दिसंबर 2018 को विधानसभा का परिणाम आया, कांग्रेस सबसे ज्यादा सीट जीतकर आई थी। 17 दिसंबर को मैने सीएम की शपथ ली। आज 20 मार्च है लगभग 15 महीनों में प्रयास रहा प्रदेश को नई दिशा दें। 40-45 साल के राजनीतिक जीवन में विकास पर विश्वास रखा। प्रदेश पूछ रहा है कि मेरा कसूर क्या है। बता दें कि गुरूवार देर रात मध्यप्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम में एक बड़े उलटफेर के चलते स्पीकर एनपी प्रजापति ने सोलह विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। ये वही कांग्रेस के बागी विधायक हैं जो पिछले दस दिनों से बेंगलुरू में डेरा डाले हुए हैं। राज्यपाल को अपने इस्तीफे में कमलनाथ ने लिखा कि मैंने अपने 40 वर्ष के सार्वजनिक जीवन में हमेशा से शुचिता की राजनीति की है और प्रजातांत्रिक मूल्यों को सदैव तरजीह दिया है। मध्यप्रदेश में पिछले 2 हफ्ते में जो कुछ भी हुआ, वह प्रजातांत्रिक मूल्यों के अवमूल्यन का एक नया अध्याय है। कमलनाथ ने अपने इस्तीफे में लिखा कि मैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के पद से अपना त्यागपत्र दे रहा हूं। साथ ही नए बनने वाले मुख्यमंत्री को मेरी शुभकामनाएं। मध्यप्रदेश के विकास में उन्हें मेरा सहयोग सदैव रहेगा।
आईटी कॉन्क्लेव-2025 में गूगल-माइक्रोसॉफ्ट करेंगी शिरकत:जीआईएस-2025 की घोषणाओं को निवेश में बदलने की पहल, 27 अप्रैल को होगा आयोजन
इंदौर में आयोजित होने वाले आईटी कॉन्क्लेव में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियां उपस्थिति दर्ज कराएंगी।मध्य प्रदेश सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 27 अप्रैल को इंदौर के…









